संवाद न्यूज एजेंसीबरवाला। सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों में सरकार के प्रति रोष देखने को मिला रहा है। सूरजमुखी फसल को सरकार द्वारा भावांतर योजना में शामिल करने से भी किसानों में मायूसी देखने को मिल रही है। बरवाला अनाज मंडी में सूरजमुखी की फसल लेकर आए किसान जोगिंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह, श्यामलाल टाबर, रामकुमार टोडा, सुरजीत सिंह, नैब सिंह, रमेश कुमार टोडा, ओमपाल राणा, विक्रम राणा भगवानपुर, राजकुमार हरिपुर, तेज सिंह, किरणपाल, नटवाल आदि गांवों से आए किसानों ने रोष जताकर कहा कि एक तरफ तो सरकार किसानों की आय दुगना करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं सरकार के यह दावे धरातल पर फेल साबित हो रहे हैं।
इन लोगों ने बताया कि सूरजमुखी कई कई दिनों से मंडी में पड़ी है। खरीद शुरू न होने के कारण उन्हें दिन-रात मंडी में गुजार कर अपनी फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। फसल की खरीद न होने के कारण किसान चिंतित हैं। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने सूरजमुखी की फसल को समर्थन मूल्य 6015 रुपये क्विंटल के हिसाब से खरीद किया था, जबकि 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से प्राइवेट खरीद में सूरजमुखी की फसल बिकी। इस वर्ष सरकार ने सूरजमुखी का समर्थन मूल्य 6400 रुपये निर्धारित किया है। इस वर्ष प्राइवेट खरीद में व्यापारी सूरजमुखी को 4500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद रहे हैं। इससे प्राइवेट में अपनी फसल बेचने पर किसानाें को 2000 रुपये का नुकसान होगा।
प्रदर्शन में भाग लेने पहुंचे किसान
जिला कुरुक्षेत्र के शाहबाद में सूरजमुखी की फसल की खरीद को लेकर आज भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में आयोजित रोष प्रदर्शन में भाग लेने जिले से जिला प्रधान नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान गए। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान नरेंद्र राणा ने कहा की अगर सरकार ने जल्द सूरजमुखी की खरीद शुरू नहीं की तो जिले की हर मंडी पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।