संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। डेंगू की रोकथाम के लिए मंगलवार को जिला स्वास्थ्य विभाग और सोलन (हिमाचल प्रदेश) के अधिकारियों की क्रॉस बॉर्डर मीटिंग हुई। बैठक में बताया गया कि सोर्स रिडक्शन एक्टिविटीज ही मुख्य तौर पर प्रभावकारी होती है। यदि कालका और परवाणू क्षेत्र में एक साथ टीमें लगाकर सोर्स रिडक्शन एक्टिविटीज करवाई जाएं, तो मच्छर के लारवा को खत्म किया जा सकता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भौंसले ने बताया कि कालका, पिंजौर व नानकपुर एरिया में एडवांस में माइक्रो प्लान बनाकर 29 टीमों द्वारा रोजाना पानी के कंटेनर चेक किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल कालका, पिंजौर और नानकपुर में डेंगू के सैकड़ों मरीज मिले थे। डेंगू से कई मौतें भी हुई थीं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भौंसले ने मंगलवार की मीटिंग का उद्देश्य डेंगू से बचाव के लिए की जा रही गतिविधियों को आपस में साझा करना और डेंगू रोकथाम के उपाय करना बताया। इस मीटिंग में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेश भोंसले, एसएमओ पिंजौर डॉ. राजेश ख्यालिया, एमएस परवाणू डॉ. वीके कपिल, नोडल ऑफिसर परवाणू डॉ. अमित तलवार, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर नालागढ़ डॉ. मुक्ता रस्तोगी सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।
मीटिंग में इन मुद्दों पर हुई सहमति
- डेंगू को रोकने के लिए साझा कार्यक्रम किए जाएंगे।
- समय पर डेंगू के केसों की पूर्ण पते सहित लिस्ट साझा की जाएगी।
- फोगिंग का माइक्रो प्लान भी साझा किया जाएगा।
- पंचकूला की तरह इसी माह जिला टास्क फोर्स की मीटिंग की जाएगी।
- मच्छरों का लारवा मिलने पर नोटिस दिए जाएंगे व चालान किए जाएंगे।
- एमसी परवाणू से सोर्स रिडक्शन एक्टिविटीज में सहयोग लिया जाएगा।
- डेंगू से बचाव के लिए कम्युनिटी पार्टिसिपेशन लिया जाएगा।
- एमसी परवाणू द्वारा आजीविका स्कीम के तहत सोर्स रिडक्शन के लिए कर्मचारी रखे जाएंगे।
- डेंगू के सभी मरीजों को एडमिट करके ही इलाज किया जाएगा।
-लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जाएगा।