करोड़ों की लागत से बना था छात्राओं के लिए भवन, निर्माण के बाद नहीं हुआ इस्तेमाल कृषि विभाग शिफ्ट, मरम्मत का एस्टीमेट तैयार
कृषि विभाग के बाद अन्य सरकारी कार्यालय भी शिफ्ट होने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। करीब दो दशक से खाली पड़े मोरनी जेबीटी छात्रावास के अब दिन फिरने लगे हैं। लंबे समय से बंद पड़े भवन में सरकारी कार्यालय शिफ्ट होने शुरू हो गए हैं। बीते रोज खंड कृषि विभाग का कार्यालय भी छात्रावास भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं भवन की मरम्मत के लिए बजट एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है।
बताया जाता है कि मोरनी स्थित जेबीटी संस्थान में हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से छात्राएं प्रशिक्षण लेने आती थीं। उनके ठहरने की व्यवस्था के लिए छात्रावास का निर्माण कराया गया था। हालांकि भवन बनने के बाद इसका छात्रावास के रूप में उपयोग नहीं हो सका और एक दिन भी इसमें छात्राओं के ठहरने की व्यवस्था शुरू नहीं हुई। लंबे समय तक उपयोग में नहीं आने के कारण करोड़ों रुपये की लागत से बना भवन धीरे-धीरे बदहाल होने लगा।
स्थानीय लोग लंबे समय से भवन की मरम्मत कराकर इसे सरकारी कार्यालयों के उपयोग में लाने की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना था कि इससे सरकारी संपत्ति को बर्बाद होने से बचाने के साथ मोरनी क्षेत्र के विभिन्न सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाया जा सकेगा। इससे ग्रामीणों, किसानों और आम लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अब कृषि विभाग के कार्यालय के शिफ्ट होने के बाद अन्य सरकारी कार्यालयों को भी यहां स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। ऐसा होने पर लोगों को एक ही परिसर में कई सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी और लंबे समय से अनुपयोगी पड़ा भवन दोबारा उपयोग में आ सकेगा।
खंडहर बनने की कगार पर था भवन
करीब दो दशक से उपयोग में नहीं आने के कारण जेबीटी छात्रावास का भवन धीरे-धीरे बदहाल होता जा रहा था। स्थानीय लोग लंबे समय से इसकी मरम्मत करवाकर सरकारी कार्यालय शिफ्ट करने की मांग उठा रहे थे।
एक छत के नीचे मिलेंगी सरकारी सेवाएं
कृषि विभाग के बाद अन्य सरकारी कार्यालय भी यहां शिफ्ट किए जाने की संभावना है। इससे मोरनी क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही परिसर में कई सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।