पूर्व सरपंच के घर में लूट मामले में पांच दोषियों को पंचकूला जिला अदालत ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इनमें मंदीप सिंह, अवतार सिंह, सुभाष चंद्र, मनीष और बलविंदर के नाम शामिल हैं। छह जनवरी को पंचकूला जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरबीर सिंह दहिया ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसमें आरोपी मंदीप सिंह के वकील की तरफ से दलील दी गई कि वह गरीब है। इसलिए उसे सजा से रियायत दी जाए लेकिन इस पर कोई रियायत जिला अदालत की तरफ से नहीं दी गई।
दायर मामला 7 अक्तूबर 2018 का है। मामले के अनुसार पूर्व सरपंच जसविंद्र सिंह निवासी कीरतपुर ने पिंजौर पुलिस को शिकायत में आरोप लगाया था कि वे 7 अक्तूबर 2018 को गोहाना रैली में गए थे। इसके बाद रात 10 बजे फैमिली ढाबे पर खाना खाने के बाद अपने गांव के सरपंच मेला सिंह, तरसेम सिंह, जगपाल सिंह, गुरमीत सिंह व गुरध्यान सिंह को उनके घर छोड़ने के बाद वापस अपने घर पहुंचे। पूर्व सरपंच जसविंद्र सिंह अपने घर के सामने पहुंचकर कार का हॉर्न बजाया तो घर से कोई गेट खोलने नहीं आया। उन्होंने गेट खोला और गाड़ी को अंदर पार्क किया।
जब जसविंद्र सिंह अपने घर के अंदर पहुंचे तो उस पर मंदीप सिंह, अवतार सिंह, सुभाष चंद्र, मनीष और बलविंदर ने बंदूक तान दी। दोषी मंदीप सिंह सहित पांचों दोषियों ने उनके परिवार को पहले ही कमरे में बंद कर दिया था। इसके बाद दोषियों ने उसको हल्ला नहीं करने को कहा। पांचों ने धमकी देकर कहा कि अगर हल्ला मचाएंगे तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने जसविंद्र सिंह को सिर पर बंदूक की बट मारकर घायल कर दिया। इसके बाद उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया। मंदीप सिंह सहित सभी दोषी तीन लाख रुपये की ज्वेलरी, 70 हजार कैश व एक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए थे। इस मामले में जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र पाल ने सभी साक्ष्य मजबूती से अदालत में पेश किए थे। इसमें जांच अधिकारी की तरफ से आरोपियों की गिरफ्तारी सहित सभी पक्ष मजबूती से रखे गए थे।