कालका-चंडीगढ़ हाईवे स्थित एनएसी के शोरूम नंबर 811 स्थित होटल मैनेजमेंट के एक इंस्टीट्यूट में बुधवार को आग लग गई। आग में इंस्टीट्यूट का सारा सामान जल गया। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इंस्टीट्यूट संचालक और अन्य दुकानदारों ने दमकल विभाग पर सूचना मिलने के बाद भी देरी से पहुंचने का आरोप लगाया।
शोरूम नंबर 811 की दूसरी मंजिल पर इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में शाम करीब चार बजे एसी में शार्ट सर्किट से आग लग गई। हादसे के समय इंस्टीट्यूट में केवल चपरासी दीपक मौजूद था। आग की लपटें उठते देख दीपक नीचे की ओर भागा और इसकी सूचना तुरंत दमकल विभाग और फिर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक इंस्टीट्यूट का सारा सामान जल कर राख हो गया था।
चश्मदीद राहगीर मलकीत सिंह ने बताया कि वह 10 मिनट तक दमकल विभाग के इमरजेंसी नंबर 101 पर कॉल करते रहे लेकिन कॉल नहीं लगी। मलकीत सिंह और स्थानीय दुकानदारों ने आरोप लगाया कि पहले तो दमकल की गाड़ियां 15 मिनट की देरी से आईं। फिर फायरमैन नीचे से पाइप से दूसरी मंजिल पर पानी फेंकते रहे।
जब लोगों ने उनसे बोला कि हाइड्रोलिक फायर टेंडर की लिफ्ट से ऊपर जाकर आग बुझाएं तो वह बोले, अभी उनको इसकी अनुमति नहीं है। इसके बाद जब आग ने भयानक रूप ले लिया और लपटें शोरूम की खिड़की से बाहर आने लगीं तो उसके बाद हाइड्रोलिक लिफ्ट से ऊपर जाकर खिड़की से पानी डालना शुरू किया। तब तक इंस्टीट्यूट का सारा सामन जलकर राख हो चुका था।
उल्लेखनीय है इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त था और 2013 में इंस्टीट्यूट को बंद कर दिया गया था, लेकिन 2013 के बाद इस इंस्टीट्यूट में वो छात्र आते हैं जो कुछ पेपरों में पास नहीं हुए थे। उन छात्रों को वहीं इंस्टीट्यूट में एक्स्ट्रा क्लासेज दी जाती हैं। गनीमत यह रही कि जिस समय इंस्टीट्यूट में आग लगी। उस समय पढ़ाई नहीं हो रही थी। संचालक अंकित बंसल ने बताया कि आग लगने से उनको लाखों रुपया का नुकसान हुआ है।
पुराने नंबर पर नहीं मिला फायर विभाग को नंबर
स्थानीय दुकानदारों के साथ इंस्टीट्यूट के चपरासी दीपक का कहना कि वह काफी देर तक फायर विभाग के पुराने इमरजेंसी 101 पर कॉल करते रहे। किसी ने नंबर नहीं उठाया। उसके बाद फिर किसी ने बताया कि फायर विभाग का नंबर अब 101 से बदलकर 112 हो गया है। इसके बाद 112 पर कॉल करने के 15 मिनट बाद फायर टेंडर मौके पर पहुंचे सके। तब तक एसी की आग पूरे शोरूम में फैल चुकी थी।
आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक फायर टेंडर के अलावा सात फायर टेंडर भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही मनीमाजरा थाना प्रभारी जसविंदर कौर, एडिशनल एसएचओ दलजीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस मौके पर इकट्ठा लोगों की भीड़ को हटाया। हालांकि आसपास के दुकानदारों के दम में दम तब आया जब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया गया।