पंचकूला। हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से हरियाणा के सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस उपायुक्तों के साथ अवैध खनन के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस संबंध में उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके उपरांत उपायुक्त महावीर कौशिक ने लघु सचिवालय के सभागार में जिला खनन अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से 15 सितंबर तक जिले में खनन गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में छापामारी करने और इस दिशा में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अवैध खनन को रोकने को लेकर काफी गंभीर है। सरकार की मंशा है कि प्रदेश के किसी जिले में भी अवैध खनन ना हो। उन्होंने कहा कि अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए अधिकारी सख्ती से काम करें और जहां भी कोई अवैध खनन का मामला सामने आए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई अमल में लाएं।
इस कार्य में प्रयोग वाहन को भी जब्त करें। कौशिक ने कालका उपमंडल क्षेत्र के लिए एसडीएम कालका, एसीपी कालका, खनन अधिकारी व बीडीपीओ पिंजौर की टीम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह टीम अवैध खनन की साइट पर छापा मारकर उन्हें रिपोर्ट करेगी। इसी प्रकार पंचकूला क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए एसडीएम पंचकूला, एसीपी, खनन अधिकारी और रायपुररानी क्षेत्र में संबंधित तहसीलदार, एसएचओ और माइनिंग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीमें चेकिंग कर उन्हें रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
उपायुक्त को अवगत करवाया गया कि इस समय जिले में केवल चार स्थानों पर ही खनन की इजाजत है, जबकि कालका में किसी भी स्थान पर खनन की अनुमति नहीं है। इस मौके पर पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह, एसडीएम कालका रुचि सिंह बेदी, एसीपी ममता सौदा, एसीपी किशोरी लाल, महेश जाखड़ और सुरेंद्र सिंह, जिला खनन अधिकारी ओमदत्त शर्मा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विरेंद्र सिंह पुनिया, नायब तहसीलदार हरदेव सिंह सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।