डिजिटल हाउस अरेस्ट दिखाकर ऐंठी रकम, दिल्ली से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
आरोपी के खाते में मिले 17 लाख रुपये, पुलिस रिमांड पर लेकर नेटवर्क खंगालने में जुटी साइबर टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। साइबर अपराधियों ने नकली सीबीआई अधिकारी और फर्जी कोर्ट रूम का खौफ दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से करीब 2 करोड़ 98 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली। ठगों ने महिला को डिजिटल हाउस अरेस्ट का डर दिखाते हुए पूरी साजिश को अंजाम दिया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पंचकूला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितिन सिंघल निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। जांच में आरोपी के बैंक खाते में ठगी की राशि में से करीब 17 लाख रुपये मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर छह दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है और नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 4 दिसंबर को उसके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताते हुए मोबाइल सेवाएं बंद होने की बात कही। इसके बाद कॉल को कथित सीनियर अधिकारी और फिर खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से जोड़ दिया गया।
आरोपियों ने महिला पर बैंकिंग माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। विश्वास में लेने के लिए ठगों ने कुछ फर्जी तस्वीरें भेजीं, जिनमें एक व्यक्ति को गिरफ्त में दिखाया गया। इसके बाद महिला को यह कहकर डराया गया कि वह हाउस अरेस्ट में है, पुलिस की गाड़ी उसके घर के बाहर खड़ी है और वह बिना अनुमति कहीं बाहर नहीं जा सकती।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने किसी को भी इस बारे में जानकारी देने पर बच्चों की जान को खतरा होने की धमकी दी। 5 दिसंबर को महिला को वीडियो कॉल के जरिए एक फर्जी कोर्ट रूम में पेश किया गया, जहां नकली पुलिसकर्मी और नकली जज मौजूद थे।
जांच के नाम पर डराकर आरोपियों ने महिला से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब ठगों ने और पैसे की मांग की, तब महिला को ठगी का शक हुआ और उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।
साइबर थाना एसएचओ युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में जांच अधिकारी भूप सिंह द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपी को 15 जनवरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। डीसीपी क्राइम ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।