रिभव ऋषि और अंकुर शर्मा प्रोडक्शन वारंट पर, फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर से खाता खुलवाने की जांच तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) के नाम पर बैंक ऑफ बड़ौदा की सेक्टर-11 शाखा में फर्जी बैंक खाता खुलवाने के मामले की जांच अब आईडीएफसी धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे रिभव ऋषि और अंकुर शर्मा तक पहुंच गई है। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। अदालत में पेश करने के बाद पुलिस को तीन दिन का प्रोडक्शन रिमांड मिला है। पुलिस जांच में फर्जी खाता खुलवाने में दोनों की कथित भूमिका सामने आई है।
फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर की पड़ताल
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि एचएसएएमबी के नाम पर बैंक खाता खुलवाने के लिए फर्जी दस्तावेज और सक्षम प्राधिकारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर कैसे तैयार किए गए। खाते में दर्ज मोबाइल नंबर किसका था और इस खाते का इस्तेमाल किस तरह के वित्तीय लेनदेन के लिए किया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
बोर्ड की अनुमति के बिना खोला गया खाता
मामला 26 फरवरी 2026 को सामने आया था। एचएसएएमबी कार्यालय को बैंक ऑफ बड़ौदा की सेक्टर-11 शाखा से एक लिफाफा और वेलकम किट मिली थी। इसमें हरियाणा मार्केटिंग डेवलपमेंट फंड के नाम से नया बैंक खाता खोले जाने की जानकारी थी। बोर्ड की ओर से जांच करने पर पता चला कि यह खाता न तो एचएसएएमबी ने खुलवाया था और न ही किसी अधिकृत अधिकारी ने इसकी अनुमति दी थी। शिकायत के अनुसार, खाता खोलने के लिए सक्षम प्राधिकारी के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही बोर्ड के नाम का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया और खाते में ऐसा मोबाइल नंबर दर्ज था, जो बोर्ड का अधिकृत नंबर नहीं था।
एचएसएएमबी के मुख्य प्रशासक की ओर से पुलिस को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद सेक्टर-5 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
आईडीएफसी धोखाधड़ी से जुड़ रही कड़ियां
फर्जी बैंक खाते की जांच में रिभव ऋषि का नाम सामने आने के बाद पुलिस पुराने आईडीएफसी धोखाधड़ी मामले से इसकी कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, रिभव ऋषि को आईडीएफसी धोखाधड़ी मामले का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है और वह फिलहाल जेल में बंद है। इसी मामले में पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एचएसएएमबी के नाम पर खाता खुलवाने की योजना किसने बनाई, फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर किसने तैयार किए और खाता खुलवाने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। बैंक शाखा में खाता खोलने की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।