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हरियाणा : ईडब्ल्यूएस बच्चों को 381 निजी स्कूलों में मिलेगा दाखिला

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चंडीगढ़। हरियाणा में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को 381 निजी स्कूलों में दूसरी से बारहवीं कक्षा में दाखिला मिलेगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे मुख्यमंत्री समान शिक्षा राहत, सहायता एवं अनुदान योजना के तहत पहली से आठ जुलाई तक दाखिला ले सकते हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सहमति जता चुके निजी स्कूलों में बच्चों के दाखिले सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा एवं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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बीते शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूल से पास छात्रों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। जिस ब्लॉक में बच्चे पढ़ रहे हैं, उसी के एक या अधिक निजी स्कूलों में आवेदन कर सकते हैं। सहमति दे चुके स्कूलों की खाली सीटों का विवरण जल्दी निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। निजी स्कूल अपने नोटिस बोर्ड पर भी खाली सीटों की जानकारी देंगे। सीटों से अधिक आवेदन आने पर 11 जुलाई को अभिभावकों की मौजूदगी में स्कूल ड्रा निकालेंगे। 12 से 21 जुलाई तक दाखिला प्रक्रिया संपन्न कर विद्यार्थियों की सूची नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी। प्रतीक्षा सूची में शामिल बच्चों के दाखिला सीटें खाली रहने पर 22 से 27 जुलाई तक करने होंगे। दाखिलों की निगरानी के लिए डीईओ, डीईईओ विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी निजी स्कूलों में लगाएंगे। दाखिला के लिए आवेदन करने वाले बच्चों के अभिभावकों को स्कूल रसीद अवश्य देंगे। जिस बच्चे का निजी स्कूल में दाखिला हो जाता है, उसके पिछले स्कूल का स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। परिवार पहचान पत्र भी दाखिला के समय लिया जाएगा। फीस प्रतिपूर्ति उन्हीं स्कूलों को सरकार करेगी, जिन्होंने फार्म-6 में अपनी फीस राशि निदेशालय के पोर्टल पर दिखाई है। दाखिल बच्चों का डाटा निजी स्कूल प्रक्रिया पूरी होने के दो दिन के अंदर सूचना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर डालेंगे। निदेशक सेकेंडरी व मौलिक को सभी स्कूल एक हफ्ते के अंदर दाखिलों की जानकारी भेजेंगे।
सैकड़ों स्कूलों ने नहीं दी सहमति
सैकड़ों निजी स्कूलों ने गरीब परिवार के बच्चों को दाखिला देने के लिए शिक्षा निदेशालय को अपनी सहमति ही नहीं दी। इन स्कूलों में हजारों बच्चों के दाखिला हो सकते थे। प्रभावशाली लोगों के स्कूल होने के कारण निदेशालय इन पर कोई कार्रवाई भी नहीं कर पाता है। बीते साल भी साढ़े पांच सौ स्कूलों ने इन बच्चों को दाखिला नहीं दिया था।
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