भाजपा के घोषणापत्र पर घमासान, विपक्ष बोला- जनता को गुमराह कर रही भाजपा, धरातल पर कुछ नहीं
सेक्टर-3/21 पुल और शूटिंग रेंज जैसे पुराने प्रोजेक्ट दोबारा भुनाने का आरोप
जिन कार्यों के टेंडर अलॉट हो चुके उनको घोषणापत्र में शामिल करना हास्यास्पद
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। 10 मई को होने वाले नगर निगम चुनाव के लिए बिछी सियासी बिसात अब घोषणापत्र पर आकर टिक गई है। भाजपा ने 29 अप्रैल को संकल्प पत्र जारी कर विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए लेकिन 24 घंटे में ही यह मेनिफेस्टो विवादों में आ गया है। शहरवासियों और विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा के पास कुछ भी नया नहीं है और वह पुराने, निर्माणाधीन या टेंडर प्रक्रिया में चल रहे प्रोजेक्टों को नया बताकर वोट बटोरना चाहती है।
शूटिंग रेंज और पुल पुराना राग
घोषणापत्र में सेक्टर-32 की शूटिंग रेंज और घग्गर नदी पर सेक्टर-3 व 21 को जोड़ने वाले पुल का जिक्र होने पर सबसे ज्यादा घमासान है। सेक्टर-16 निवासी सुभाष पपनेजा कहते हैं जिन प्रोजेक्टों के टेंडर अलॉट हो चुके हैं और जो मीडिया में महीनों पहले आ चुके हैं उन्हें मेनिफेस्टो में डालना जनता को गुमराह करना है। विधायक चंद्रमोहन ने भी घेराबंदी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 2024 में ही शूटिंग रेंज की घोषणा की थी अब इसे चुनाव में भुनाना भाजपा की हताशा को दर्शाता है।
जलभराव और कूड़े पर घेराबंदी
इनेलो के मेयर प्रत्याशी मनोज अग्रवाल ने तंज कसा कि एक दशक में भाजपा जलभराव नहीं रोक पाई, अब 200 करोड़ की बेहतर तकनीक का सपना दिखा रही है। एक घंटे की बारिश भाजपा के दावों की पोल खोल देती है। वहीं, स्वच्छता के नाम पर आवंटित 100 करोड़ के नए बजट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब सड़कों पर पहले से कूड़े के ढेर हैं, तो पिछले करोड़ों रुपये कहां खर्च हुए? इस तरह शहर की मूलभूत समस्याओं पर भी भाजपा को घेरा जा रहा है।
भाजपा के पास नया कुछ नहीं
भाजपा के पास नया कुछ नहीं है। पुराने प्रोजेक्ट को मेनिफेस्टो में शामिल करना पंचकूला की जनता को गुमराह करना है। शूटिंग रेंज का काम पहले से प्रक्रिया में है। इसे नया बताकर भाजपा किसे बेवकूफ बना रही है। - चंद्रमोहन, विधायक, पंचकूला।
कब तक झूठ बोलेगी भाजपा
शूटिंग रेंज, पुल और पुनर्वास के नाम पर कब तक झूठ बोलेगी भाजपा। ये प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने चाहिए थे न कि दोबारा मेनिफेस्टो में। जनता 10 मई को इसका करारा जवाब देगी। -सुधा भारद्वाज, मेयर प्रत्याशी, कांग्रेस
बरसात में सड़क पर तो आएं
भाजपा के नेताओं को एक बार बरसात में सड़कों पर उतरना चाहिए। मेनिफेस्टो महज कागज का टुकड़ा है। 10 साल में जो सीवरेज ठीक नहीं कर पाए वो अब करोड़ों के बजट का लालच दे रहे हैं। -मनोज अग्रवाल, मेयर प्रत्याशी, इनेलो