कांटे की टक्कर में फंसे ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर भाजपा-जजपा ने नए सिरे से रणनीति बनाई है। विपक्ष की काट के लिए मुद्दों को अधिक धार के साथ तैयार किया गया है। केंद्र व प्रदेश की गठबंधन सरकार के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार का भी भाजपा जवाब देगी।
प्रदेश भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े की अध्यक्षता में बुधवार देर रात ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर भाजपा-जजपा की संयुक्त बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ व जजपा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह मौजूद रहे।
तावड़े ने कहा कि प्रदेश में किसान नहीं संगठनों का आंदोलन चल रहा है। आम किसान अपनी खेती के कामों में व्यस्त हैं। कुछ किसान संगठन नए कृषि कानूनों के नाम पर राजनीति चमकाना चाह रहे हैं। जिन्हें जगह-जगह सरकार के कार्यक्रमों के विरोध का तरीका अपनाया है।
उपचुनाव में गठबंधन का उम्मीदवार जीत की ओर बढ़ रहा है। दोनों दलों की संयुक्त बैठक में विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब देने और अफवाहों को रोकने पर विचार-विमर्श किया गया है। सबसे बड़ा मुद्दा तो यह है कि जिन कृषि कानूनों को लेकर अभय चौटाला ने विधायक पद से इस्तीफा दिया था, उनका अभी कोई समाधान नहीं निकला है। फिर अभय दोबारा किस मुंह से चुनाव लड़ रहे हैं।
भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने सिरसा जिले में काम किए हैं। ऐलनाबाद में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई। इसका लाभ चुनावों में मिलेगा। किसानों की 11 फसलें एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं। भावांतर भरपाई योजना का अलग से लाभ मिल रहा है।