संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। लुधियाना में सिविल अस्पताल को हॉट लाइन से बिजली सप्लाई की जा रही है। ऐसे में बिजली बंद होने की संभावना कम रहती है। फिर भी अगर किसी तकनीकी खराबी के कारण बिजली की सप्लाई ठप हो जाए तो इस समस्या से निपटने के लिए अस्पताल में करीब 7 जेनरेटर मौजूद हैं।
इनमें से 125 केवी का एक जेनरेटर आईसीयू, ओपीडी, एक्स-रे, लैबोरेटरी, ब्लड बैंक, ओटी, पुरानी इमारत और मरीजों के वार्ड में बिजली की आपूर्ति करता है। इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर और मोर्चरी के लिए 80 केवी का जेनरेटर अलग से हैं। वहीं, 125 केवी के 2 जेनरेटर मदर एंड चाइल्ड यूनिट (एमसीएच) से कनेक्ट हैं, लेकिन इस यूनिट की बिस्तर क्षमता में बढ़ोतरी के कारण कुछ समय पहले एक जेनरेटर और लगाया गया है। बिजली बंद होने पर 250 केवी का एक जेनरेटर बड़े ऑक्सीजन प्लांट और 125 केवी का एक जेनरेटर छोटे ऑक्सीजन प्लांट को बिजली सप्लाई करता है। इसके बावजूद बिजली बंद होने पर कई बार समय पर जेनरेटर नहीं चलना आम बात है।
अमृतसर के सिविल अस्पताल और गुरु नानक देव अस्पताल में बिजली के बैकअप की पूरी व्यवस्था की गई है। इस संदर्भ में गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कर्मजीत सिंह ने कहा कि अस्पताल की पुरानी इमारत में 380 केवी, इमरजेंसी में 200 केवीए, बेबे नानकी वार्ड में 400 केवी, डायग्नोस्टिक सेंटर में 500 केवी का जेनरेटर है। इसके अलावा 500 केवी का जेनरेटर स्टैंड बाय रखा गया है, ताकि कोई इमरजेंसी हो तो उसे इस्तेमाल में लाया जा सके। सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने कहा कि अस्पताल में 220 केवी का जेनरेटर लगा है। अगर भविष्य में कभी बिजली जाती भी है तो जेनरेटर से 7-8 घंटे काम चल सकता है।