पिंजौर। नगर परिषद कालका की ओर से रत्तपुर कॉलोनी रेलवे लाइन के नजदीक करीब एक किलोमीटर लंबी पेवर ब्लॉक से बनी सड़क से स्थानीय निवासियों को फायदा कम हुआ है, जबकि परेशानी अधिक उठानी पड़ रही है। क्योंकि करीब महीना पहले बनी इस सड़क का काफी हिस्सा धंस गया है। इस कारण यह सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले को लेकर नगर परिषद अधिकारियों को शिकायत दी थी। लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
बता दें कि करीब डेढ़ साल पहले यह सड़क बनाई गई और इसके बनने के कुछ महीने बाद ही धंसने लगी थी। स्थानीय निवासियों ने रोड को सही करवाने के लिए नगर परिषद अधिकारियों से मांग की थी। शायद अधिकारियों को लोगों की समस्या से कोई सरोकार नहीं है, इस कारण उनकी जल्द सुनवाई नहीं हुई और बार-बार मांग करने के बाद कई महीनों बाद रोड का कुछ हिस्सा रिपेयर कर दिया गया। रिपेयर हुए अभी कुछ महीने ही बीते होंगे कि मरम्मत किया गया सड़क का हिस्सा दोबारा धंसने से कई मीटर तक और रोड धंस गई। अब स्थानीय लोगों ने फिर दोबारा नगर परिषद अधिकारियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों के आगे रोड रिपेयर के लिए गुहार लगानी शुरू कर दी है अब देखने वाली बात यह होगी कि रोड सही करने का काम कितने दिनों या महीनों बाद शुरू होगा। जब तक रोड सही नहीं होती तब तक स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना तो करना ही पड़ेगा साथ-साथ वाहन चालकों के साथ इस रोड से गुजरते हुए कोई बड़ी सड़क दुर्घटना भी हो सकती है।
क्या कहना है लोगों का
अधिकारियों ने इन बिंदुओं पर नहीं दिया ध्यान
करीब एक किलोमीटर लंबी इस सड़क से रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही है। इस सड़क को बनाने के दौरान अधिकारियों ने लापरवाही बरती। इस कारण आज तक उन्हें सही रोड नहीं मिली। अगर इस रोड की ईमानदारी से जांच की जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि रोड बनाने के दौरान तकनीकी बिंदुओं की अनदेखी की गई है। न तो सीमेंट के ब्लॉक लगाने से पहले नियमानुसार गटका डाला गया और न ही मिट्टी को दबाने के लिए रोलर चलाया गया। इसका नतीजा सबके सामने है। नगर परिषद अधिकारी अपना बचाव करते हुए गली धंसने के पीछे पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने आरोप को सिरे से नकार दिया है। -गजेंद्र शर्मा, प्रधान श्री गणपति रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी।
सरकारी पैसे की बर्बादी और लोगों की समस्या
यह सड़क बनाने के दौरान नगर परिषद अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी पैसे की बर्बादी तो हुई है, साथ ही लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिस काम के लिए नगर परिषद अधिकारियों को खुद संज्ञान लेकर काम करवाना चाहिए, उस काम के लिए भी लोगों को बार-बार गुहार लगानी पड़ती है। बावजूद इसके उनकी सुनवाई सुनने में कई महीने लग जाते हैं। सड़क कई जगह पूरी तरह से धंस गई है और अधिकतर सड़क सही नहीं है। इस रोड को पूरी तरह नए सिरे से बनाना चाहिए। -महेंद्र सिंह, स्थानीय निवासी
अधिकारियों पर होनी चाहिए कार्रवाई
सड़क धंसने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क निर्माण की जांच होनी चाहिए और यदि निर्माण में अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही या किसी भी प्रकार की धांधली सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि पूरी सड़क ही खराब बना दी है तो इसके पीछे आपसी मिलीभगत होगी तो अधिकारी इसमें कार्रवाई करने के बजाय मामले में लीपापोती करके मामले को खत्म कर देंगे। रोड को जल्द से जल्द सही होना चाहिए। -रवि मिश्रा, स्थानीय निवासी
नए सिरे से दोबारा बनाएं सड़क
पूरी सड़क कहीं ज्यादा, तो कहीं कम धंसी हुई है। इस सड़क को नए सिरे से बनाना चाहिए। सड़क की मरम्मत करने के कुछ समय बाद संभव है दोबारा दब जाए। क्योंकि सड़क बनाते समय रोलर नहीं चलाया गया। इसके अलावा जहां ब्लॉक दबे हुए हैं वहां ब्लॉक के नीचे मिट्टी ही मिट्टी है। गटका, बजरी तो कहीं दिखाई ही नहीं दे रही। -नरेश शर्मा, स्थानीय निवासी
कोट
नगर परिषद के चेयरमैन कृष्ण लाल लांबा के साथ-साथ नगर परिषद जेई तक इस धंसी हुई सड़क से आ रही समस्या का मुआयना करके जा चुके हैं। संभव है जल्द से जल्द इसको ठीक करने का काम शुरू हो जाएगा। -पवन कुमार, पार्षद वार्ड 23 नगर परिषद, कालका
कोट्स
उक्त सड़क पर सीवरेज का इश्यू आ रहा है, इसी की वजह से यह धंस रही है। इस मामले में एमई को दिशानिर्देश दिए गए हैं, जिससे लोगों की जरूरत को देखते हुए इसे जल्द सही करवाया जाए। यह सड़क पहले की बनी हुई है और उस दौरान इस्तेमाल किए गए मैटीरियल की क्या गुणवत्ता तय की गई थी, इसके बारे में बिना मौका देखे वह कुछ नहीं कह सकतीं। लेकिन जनहित को देखते हुए इस समस्या का हल जल्द से जल्द करवाएंगे। -निशा शर्मा, ईओ नगर परिषद, कालका