संवाद न्यूज एजेंसी
मानसा। चिट्टे के लिए जिगर के टुकड़े को बेचने वाले नशेड़ी माता-पिता संदीप सिंह, गुरमन कौर निवासी अकबरपुर खुडाल और गोद लेने वाले संजू निवासी बुढलाडा को रिमांड के बाद अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस पहले ही मासूम बच्चे को गोद देने वाले माता-पिता से वापस लेकर अनंत आश्रम नथाना भेज चुकी है। इस मामले में आरती अभी फरार है।
रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस को किसी तांत्रिक या नशे से संबंधित कोई तथ्य नहीं मिले हैं। पुलिस को इस मामले में जानकारी मिली थी कि एक तांत्रिक ने परिवार को बताया था कि अगर परिवार ने बच्चे को बिकने दिया तो वह ज्यादा दिन तक जीवित नहीं रहेगा। जिसके चलते इन नशेड़ी माता-पिता ने अपने बच्चे को भुलाकर नशेड़ी को एक लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया। पुलिस जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है, बच्चे के माता-पिता ने खुद कहा है कि उन्होंने अपने बच्चे को नशे के लिए बेचा था। इसके जांच अधिकारी दलेल सिंह ने बताया कि तांत्रिक या नशे के बारे में अभी कुछ सामने नहीं आया है।
उन्होंने बताया कि रिमांड पूरा होने के बाद तीन आरोपियों संदीप सिंह, गुरमन कौर और संजू कुमार को जेल भेज दिया गया है। मासूम की बुआ रितु वर्मा के बयान पर बच्चे को बेचने के आरोप में इनके खिलाफ बाल तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। बच्चे को गोद लेने वाली आरती अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। बाल संरक्षण अधिकारी हरजिंदर कौर ने बताया कि बच्चे को बाल कल्याण समिति के हवाले कर अनंत आश्रम नथाना भेज दिया गया है। वहां केयरटेकर उसकी देखभाल कर रही है। वहां उसके साथ मां जैसा व्यवहार किया जा रहा है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक वह वहीं रहेगा।