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Panchkula: सिविल अस्पताल में हड़ताल पर डॉक्टर, ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा, लोगों की बढ़ी दिक्कत

Wed, 27 Dec 2023 11:55 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला

सार

सेक्टर -26 से इलाज कराने आए रवि कुमार ने बताया कि बाइक से गिरने के बाद उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है। इमरजेंसी में प्लास्टर बांध दिया गया है। अभी तक उन्हें डॉक्टर ने नहीं देखा है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि मांगों के समर्थन में उन्होंने ओपीडी सेवा ठप करने का निर्णय लिया है।
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अस्पताल में पहुंचे मरीज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंचकूला के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में बुधवार को डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर दी। हड़ताल का दंश मरीजों को भुगतना पड़ा। हड़ताल सिविल अस्पताल सहित अर्बन हेल्थ सेंटर, पीएचसी और सीएचसी सेंटर में भी जारी रही। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पाया है। इस कारण मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। 
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सेक्टर -26 से इलाज कराने आए रवि कुमार ने बताया कि बाइक से गिरने के बाद उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया है। इमरजेंसी में प्लास्टर बांध दिया गया है। अभी तक उन्हें डॉक्टर ने नहीं देखा है। वहीं कौशल्या रानी और कमलावती ने बताया कि अभी तक डॉक्टर ने उन्हें नहीं देखा है। 

वहीं डॉक्टरों का कहना है कि मांगों के समर्थन में उन्होंने ओपीडी सेवा ठप करने का निर्णय लिया है। फिर भी उनकी मांगें न मानी गई तो 29 दिसंबर से ओपीडी सेवा के साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि डॉक्टरों की मुख्य चार मांगें दो साल पुरानी है। दो साल से कोई नई मांग शामिल नहीं की गई है।

ये हैं मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन हो 
गतिशील सुनिश्चित कैरियर प्रगति योजना लागू हो 
एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए 
पीजी के लिए बॉन्ड राशि 1 करोड़ से घटा कर 50 लाख की जाए। 

डॉक्टर राजेश ख्यालिया ने हैरानी जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ऑफिस तक से फाइल आगे बढ़ चुकी है लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि दो साल पहले ही स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक ने उनकी सभी मांगों को उचित ठहराते हुए जल्द स्वीकार करने का भरोसा दिया था। लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो 29 दिसंबर से ओपीडी सेवा के साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
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