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Panchkula News: हड़ताल पर डॉक्टर, चार हजार मरीज रजिस्ट्रेशन की पर्ची के साथ भटकते रहे

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ओपीडी में डॉक्टरों के कमरे रहे खाली, नहीं हुए एक्सरे व अल्ट्रासाउंड
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पूरे जिले में सिर्फ इमरजेंसी में मिलीं दवाएं, 51 स्वास्थ्य केंद्रों में बिना इलाज लौटे मरीज
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल सहित पूरे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के करीब 200 डॉक्टर बुधवार को हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल पर रहे। इस दौरान करीब चार हजार मरीज रजिस्ट्रेशन की पर्ची कटवाने के बाद इलाज के लिए भटकते नजर आए। ओपीडी में कमरे खाली रहे और बाहर डॉक्टर नारेबाजी करते रहे। ओपीडी में डाॅक्टरों के न देखने के कारण एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के कर्मचारी भी खाली बैठे रहे। जिले में करीब 51 स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी की सेवाएं जारी रहीं।
इस दौरान डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाहर से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं इमरजेंसी में पूरा दिन भारी भीड़ रही। हड़ताल सिविल अस्पताल सहित अर्बन हेल्थ सेंटर, पीएचसी और सीएचसी सेंटर पर भी जारी रही।
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लैब में लोगों के टेस्ट भी नहीं हो सके
सेक्टर -6 सिविल अस्पताल में हड़ताल के कारण डॉक्टरों ने एमडी मेडिसिन, स्किन ओपीडी, टीबी, कैंसर, हड्डी की ओपीडी, साइकेट्रिक ओपीडी के मरीजों को नहीं देखा। इस कारण उन्हें भी इलाज के लिए फिर आना पड़ेगा। इसके अलावा लैब में लोगों के टेस्ट भी नहीं हो पाए।
ये आई मरीजों को दिक्क्तें
प्लास्टर नहीं काटा, दवाएं नहीं मिली
मेरे पैर में दो माह पहले फ्रैक्चर हो गया था। पैर का ऑपरेशन हुआ। अब प्लास्टर कटवाना है। इसमें डॉक्टर ने बुधवार को बुलाया था, हड़ताल के कारण प्लास्टर नहीं कट सका। वहीं जरूरी दवाएं भी नहीं मिल सकीं। अब इसके लिए फिर आना पड़ेगा।
-कमलावती, मरीज, रामदरबार
विशेषज्ञ डॉक्टर ने नहीं देखा
सुबह बाइक चलाने के दौरान गिरने से मेरा पैर टूट गया। अस्पताल आने के बाद इमरजेंसी के डॉक्टरों ने कच्चा प्लास्टर बांध दिया है। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नहीं देखा। इस कारण पैर में दर्द है।
-रवि कुमार, मरीज, सेक्टर-29 पंचकूला
टेस्ट रिपोर्ट तक नहीं देखी
मेरे कूल्हे और सिर में अचानक दर्द हो जाता है। डॉक्टरों ने टेस्ट रिपोर्ट भी नहीं देखी। एमआरआई दो दिन पहले करवाई थी। बुधवार को डॉक्टर ने बुलाया था। इसके बाद इलाज नहीं हो सका है। इसके लिए अब वीरवार को दिन आना होगा।
-कौशल्या रानी, मरीज, रायपुररानी
पेशाब न आने के बाद सही इलाज नहीं मिला
पेशाब न आने के बाद मेरे पति को सही तरीके से इलाज नहीं मिला। इस कारण दिक्कत हुई। दो दिन से सही तरीके से पेशाब नहीं उतर रहा है। यहां लेकर आने के बाद ओपीडी बंद होने से परेशानी हो रही है।
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-आशा, मरीज की तीमारदार, पिंजौर
29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने बताया कि डॉक्टरों की मुख्य चार मांगें दो साल पुरानी हैं। दो साल से कोई नई मांग शामिल नहीं की गई है। डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन हो। गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए, पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से घटाकर 50 लाख की जाए। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान मंदीप सिंह ने बताया कि हमारी मांगें सरकार की ओर से नहीं मानी जा रही हैं। इस कारण हम 27 दिसंबर को हड़ताल पर रहेंगे। वहीं 28 दिसंबर को ओपीडी खुलेगी। अगर सरकार इन दो दिन में हमारी समस्या का निदान नहीं करती तो 29 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इसमें इमरजेंसी सुविधा भी बंद रहेगी। डॉक्टर राजेश ख्यालिया ने हैरानी जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ऑफिस से फाइल आगे बढ़ चुकी है, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि दो साल पहले ही स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को उचित ठहराते हुए जल्द स्वीकार करने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है।
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