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Panchkula News: बासी खाना न खाएं...मानसून में फूड पाॅइजनिंग का खतरा

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। गर्मी और मानसून में फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ गए हैं। सिविल अस्पताल में रोेजाना सौ मरीज पेट दर्द, उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों व बुजुर्गों की है। डॉक्टरोंं ने इसे खानपान में लापरवाही का नतीजा बताया है।

सिविल अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अश्विनी भटनागर ने बताया कि कई बार लोग पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। यह फूड पॉइजनिंग काे संकेत हो सकता है।
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उन्होंने कहा कि दूषित खाना और पेय पदार्थों के सेवन से जब शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया या वायरस चले जाते हैं तो यह स्थिति फूड पॉइजनिंग की बन जाती है। गर्मी और मानसून के मौसम में यह समस्या अधिक होती है, क्योंकि ऊंचे तापमान पर बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। इसलिए खाना जल्द खराब हो जाता है।
इस तरह करें बचाव

फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से धोएं
डॉ. अश्विनी भटनागर ने बताया कि फलोंं और सब्जियों को अच्छी तरह से धोएं। बारिश के मौसम में फलों को काटकर बहुत देर तक खुला न छोड़ें। कटे हुए फलों को बाहर खाने में संक्रमण का खतरा बना है।

बारिश के माैसम में बासी खाने से बचें

बारिश के मौसम में बासी खाने से बचें। खाने को किसी भी प्रकार के बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाने के लिए रेफ्रिजरेटर में रखें। काफी देर से काटकर रखी गईं चीजें, तले-भुने और जंक फूड से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें। इस मौसम में स्ट्रीट फूड न खाएं।

किचन को हमेशा साफ रखें

खाने के संक्रमण से बचने के लिए किचन की सफाई का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। खाना बनाने से पहले और उसके बाद बर्तनों, किचन सरफेस को अच्छी तरह साफ करें।

हाइजीन बनाए रखें

खाने-पीने की चीजों का ही नहीं बल्कि पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें। इससे आप फूड पॉइजिंग से बचे रहेंगे। खाना बनाने से पहले और उसके बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना न भूलें।
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स्टोरेज का ध्यान रखना अहम

बारिश के मौसम में सिर्फ खाना बनाने के दौरान ही नहीं बल्कि उसके स्टोरेज का ध्यान रखना भी अहम है। खाने को जितनी अच्छी तरह स्टोर करेंगे, उसकी सेल्फ लाइफ उतनी ज्यादा होगी और संक्रमण का खतरा उतना ही कम होगा।
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