चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व वन एवं वन्य जीव मंत्री साधू सिंह धर्मसोत पेड़ों की अवैध कटाई के मामले पर प्रत्येक पेड़ के लिए 500 रुपये रिश्वत लेते थे। यह खुलासा विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर वरिंदर कुमार ने किया है। वन विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में मंगलवार सुबह धर्मसोत को गिरफ्तार किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि धर्मसोत को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। विजिलेंस इस वन मंत्री के पूरे कार्यकाल की जांच करेगी।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग द्वारा एक फार्म हाउस पर की गई कार्रवाई के बाद शुरू हुए घटनाक्रम में डीएफओ गुरमनप्रीत सिंह और ठेकेदार हरमोहेंदर उर्फ हामी की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार का पूरा पिटारा ही खोल दिया है। पूछताछ में विजिलेंस को इन दोनों व्यक्तियों की अहम जानकारियां मिली। इसके साथ ही हरमोहेंदर से मिली हस्त लिखित डायरी ने भी कई अहम खुलासे कर दिए।
वरिंदर कुमार ने बताया कि वैसे तो परमिट सीधे तौर पर दिए जाते थे लेकिन हिसाब प्रति पेड़ के रूप में किया जाता था। उन्होंने कहा कि मामला केवल पेड़ों की कटाई और उससे जुड़े भ्रष्टाचार का ही नहीं है बल्कि तबादलों, जंगलों की फैंसिंग, ट्री गार्ड और अन्य सामान की खरीद में भी भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे हुए हैं। रिश्वत का पैसा ऊपर तक मंत्री से जुड़े पत्रकार कमलजीत सिंह और पूर्व मुलाजिम चमकौर सिंह द्वारा पहुंचाया जाता था। विजिलेंस इस मामले में वन मंत्री के पूरे कार्यकाल की जांच करेगी।