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डीजीपी का शहर, रात 12 बजे के बाद बंद हो जाते हैं थानों के गेट

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पंचकूला। आपकी जानमाल की हिफाजत का जिम्मा उठाने वाली पुलिस रात के अंधेरे में थानों और चौकियों के गेट बंद कर सो जाती है। अमर उजाला की टीम ने वीरवार रात को जिले के विभिन्न पुलिस थानों और चौकियों को चेक किया तो करीब 90 फीसदी के गेट बंद मिले। आपात स्थिति में कोई थानों के बंद गेटों को खटखटाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाता। अगर जान पर बन आई और गलती से हिम्मत जुटाकर कोई फरियादी अपनी जान बचाने के लिए थानों के गेट तक पहुंच भी गया है तो उसकी फरियाद सुनने से पहले ही हमलावर हमला कर निकल जाएंगे। यह हालात उस शहर की है, जहां प्रदेश के डीजीपी बैठते हैं। उस शहर के थानों के गेट रात 12 बजे के बाद फरियादियों के लिए बंद हो जाते हैं।
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नींद में चैन से सोते हैं
सिर्फ इतना ही नहीं सेवा, सुरक्षा और सहयोग के बड़े-बड़े दावे करने वाली पंचकूला पुलिस शहर के चौराहों पर नजर नहीं आती। पीसीआर और पुलिस पेट्रोलिंग टीम कुछ ही इलाकों में गश्त करती है। पंजाब और चंडीगढ़ से शहर में घुुसने और बाहर निकलने के लिए कई रास्ते हैं, जिनमें कई चोर रास्ते भी हैं, लेकिन रात को इन रास्तों पर कोई चौकसी नहीं रहती। इसका खुलासा वीरवार की रात 12 से 2.30 बजे के रियलिटी चेक में हुआ है।
दिन : वीरवार
समय रात :1.06 बजे
स्थान: बस स्टैंड पुलिस चौकी
सेक्टर-5 बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी में एक व्यक्ति सोया मिला। उसे जगाने पर पता चला कि वह पुलिस मुलाजिम नहीं बल्कि बस स्टैंड परिसर में स्थित कैंटीन चलाने वाला है। जैसे ही उसकी फोटो खींची गई तो उसने कारण पूछा। अमर उजाला की टीम को देखकर वह मौके से भाग निकला। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि इतनी रात को स्टैंड में एक भी पुलिस का मुलाजिम तैनात नहीं था। वहां सन्नाटा छाया हुआ था। कुल मिलाकर देखा जाए तो रात के समय बस स्टैंड भी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यहां बनाए गए पुलिस चौकी में रात के समय एक भी पुलिस मुलाजिम तैनात नहीं रहते।
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समय रात : 12.58
स्थान : सेक्टर-5 पुलिस थाना
शहर के बीच में स्थित थाने का गेट रात 12.58 बजे बंद मिला। इसी सेक्टर में पास स्थित महिला थाना भी है, जहां महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति की तैनाती की गई है। रात 1.02 बजे थाने में एक भी महिला पुलिस कर्मचारी नहीं मिली। एक पुलिस का मुलाजिम तैनात था, उसे कंट्रोल रूम से किसी घटना स्थल पर जाने के लिए बार बार कॉल आ रही थी। अब सवाल यह है कि अगर किसी महिला और युवती को रात के समय सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति को कंट्रोल रूम से मैसेज फ्लैश किया जाए तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए जाएगा कौन, जब दुर्गा शक्ति वाहन में महिला पुलिस कर्मचारी होगी ही नहीं।
समय रात : 1.37
स्थान : एमडीसी थाना
एमडीसी थाना मुख्य द्वार से लेकर अंदर गेट तक बंद था। अमर उजाला की टीम जैसे ही मुख्य द्वार खोलकर अंदर के गेट के पास पहुंची तो पुलिस का एक मुलाजिम गहरी नींद में टेबल पर सोया हुआ था। तीन से चार बार दरवाजा खटखटाने के बाद पुलिस मुलाजिम ने उठकर गेट खोला। थाने के अंदर टीम दाखिल हुई तो कमरे में एक अन्य मुलाजिम भी सोया हुआ था, जिसे जगाया गया तो वह थाने का मुंशी था। उस समय थाने का आईओ भी मौके पर मौजूद नहीं थे।
समय रात : 1.20
स्थान : सेक्टर-14 पुलिस थाना डीसीपी
यह पुलिस थाना डीसीपी आवास से महज 300 मीटर की दूरी पर है। यहां जब टीम पहुंची तो गेट के बाहर तैनात कांस्टेबल छज्जू राम मिले। उनसे टीम ने बात की, तो उन्होंने बताया कि हम लोग पूरी रात पब्लिक के लिए जागते हैं, ताकि कोई फरियादी यहां से निराश होकर ना लौटे। हमलोग पब्लिक की सुरक्षा के लिए हैं, यह हमारी ड्यूटी है। इसके अलावा कार्यालय के अंदर कांस्टेबल अनिल कुमार कंप्यूटर पर काम करते मिले। वह कार्यालय का केस से जुड़े काम को पूरा कर रहे थे।
समय : रात 12.04
स्थान- सेक्टर-5 का शराब का ठेका
रात 11 बजे तक बंद हो जाने वाले शराब के ठेके आधी रात 12.04 बजे बेरोकटोक देसी और अंग्रेजी के शौकीनों के गले तर करने के लिए खुले नजर आए। दिलचस्प बात यह रही कि ये ठेके रोजाना बंद होने के बाद भी चोरीछिपे छोटी खिड़की से सप्लाई देते रहते हैं, लेकिन पुलिस या आबकारी महकमे का कोई भी जिम्मेवार अधिकारी इन पर लगाम नहीं कस पाता। कुछ इस तरह का नजारा दिखलाई दिया सेक्टर-5 शराब के ठेके पर। यहां ठेके के बाहर अवैध रूप से बिजली भी जलाई जा रही है।
समय : रात 2: 08 बजे
सेक्टर-21 चौकी में कुत्ते का रहता है खौफ
जैसे ही अमर उजाला की टीम रात को पुलिस चौकी के पास पहुंची तो चौकी के दोनों गेट बंद मिले। चौकी परिसर मेें एक आवारा कुत्ता छोड़ दिया गया था, जिसके डर से रात के समय कोई फरियादी चौकी के अंदर भी दाखिल नहीं हो सकता। अगर देर रात किसी को पुलिस की जरूरत पड़ जाए तो वह गहरी नींद में सो रही पुलिस मुलाजिमों को कुत्ते के डर से जगा भी नहीं सकते। कुत्ता देखते ही काटने को दौड़ा लेता है। अपनी सुरक्षा का पुलिस ने पूरा बंदोबस्त कर रखा है, लेकिन लोगों की सुरक्षा को भूल गई है।
नियम के मुताबिक थानों के गेट रात के समय बंद नहीं होने चाहिए। जिन थानों और पुलिस चौकी के गेट बंद थे, उनकी जांच करवाई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। दुर्गा शक्ति वाहनों को चेक कराया जाएगा, क्योंकि दुर्गा शक्ति वाहन में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जरूरी है। इसके अलावा नाकों को चेक कराया जाएगा, ताकि बार्डर नाकों पर पुलिस की तैनाती रहे। डॉ. हनीफ कुरैशी, कमिश्नर पंचकूला पुलिस।
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