कालका। नगर परिषद बनने पर विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित होंगे। निगम में जो करोड़ों की ग्रांट आती थी अब वह नहीं मिल पाएगी। उक्त शब्द नगर निगम के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर संगत सिंह नंदा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहे।
नंदा ने बताया कि निगम के अंदर कालका-पिंजौर जोन में करोड़ों के विकास कार्य हुए थे लेकिन परिषद बनने पर इन कार्यों का दस प्रतिशत भी नहीं होगा। परिषद बनने के बाद यदि कालका में मेन ऑफिस बनेगा तो सूरजपुर व उसके आसपास के एरिया के लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा वहीं अगर कार्यालय पिंजौर बनता है तो कालका व उसके आसपास के एरिया से काम करवाने के लिए वहां जाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा।
निगम में कालका व पिंजौर के लोग पिंजौर में अपने काम करवा लेते थे। बताया कि निगम में सेंटर से ग्रांट आती है जोकि परिषद में नहीं आएगी। नंदा ने कहा कि यदि परिषद ही बनाना था तो इससे बेहतर नगर पालिका बना देते और कालका व पिंजौर के एरिया को बराबर रूप से दो वर्गों में बांट देते ताकि दोनों एरिया में एक समान विकास कार्य हो पाएं।
चुनाव में उतारेंगे अपना नुमाईंदा
वहीं एक सवाल का जवाब देते हुए नंदा ने कहा कि फिलहाल उनकी चुनाव को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं है, लेकिन यदि जनता ने चाहा तो वह चुनाव मैदान में अपना नुमाईंदा जरूर उतारेंगे।