सीएम नायब सिंह सैनी ने गोवन धाम गोशाला को ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा की
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। प्रदेश की सड़कों को गोमुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आगामी तीन माह में किसी भी सड़क पर बेसहारा गोवंश नजर नहीं आएगा। इस वर्ष सरकार ने गोसेवा आयोग के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। आगामी वर्ष में इसे बढ़ाकर 510 करोड़ रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पंचकूला के गोवन धाम गोशाला को अपने ऐच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री शनिवार को गोवन सेवा धाम पंचकूला में गोपा अष्टमी पर आयोजित उत्सव को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि गोपाष्टमी हमारे संस्कारों से जुड़ा पर्व है। कोई भी गोवंश सड़कों पर न रहे इसके लिए टैगिंग की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सरकार ने 1000 गायों वाली गोशालाओं को एक ई रिक्शा और इससे ज्यादा गायों वाली गोशालाओं को दो ई रिक्शा या सवा लाख रुपए देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब की जमीन के लिए सीएलयू लेने की भी आवश्यकता नहीं है। गोशाला में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए 90 प्रतिशत अनुदान और 3000 गायों वाली गोशाला में एक चिकित्सक द्वारा देखभाल करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जो किसान देसी गाय का पालन करेगा उसे 30000 रुपये की राशि प्रतिवर्ष प्रतिगाय दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गोशाला के लिए दान में मिली या खरीदने वाली जमीन की रजिस्ट्री पूर्ण रूप से टैक्स से मुक्त की गई है। इसके अलावा ईडीसी की फीस भी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि गोशाला में ट्यूबवेल लगाने के लिए बिजली और सिंचाई विभाग से कोई अनुमति लेने की भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि गोशाला में बछड़ा बछड़ी लाने के लिए 300 रुपये, गाय के लिए 600 और नंदी लाने के लिए 800 रुपये की नकद राशि का भुगतान गोशाला को किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सेक्टर-23, गोवन सेवा धाम की परिक्रमा की और अपने हाथों से बछड़ों को दूध पिलाया। इस अवसर पर स्वामी सम्पूर्णानंद, श्रवण गर्ग, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने अपने विचार रखे। कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, संघ प्रचारक प्रेम गोयल, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता भी मौजूद रहे।