चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के आदेश के बावजूद मेवात मॉडल स्कूलों का समायोजन स्कूल शिक्षा विभाग में नहीं हो रहा है। अप्रैल 2021 से इन्हें समायोजित किया जाना था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12 नवंबर 2020 को मेवात विकास बोर्ड की बैठक में स्कूलों का समायोजन करने की घोषणा की थी।
सरकार के आदेश लागू न होने से स्कूलों के स्टाफ को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मेवात विकास बोर्ड ने अप्रैल 2021 से ही शिक्षक व गैर-शिक्षक स्टाफ का वेतन रोक दिया है। सर्व कर्मचारी संघ ने इस पर नाराजगी जताई है। प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी मंगलवार को यह मामला मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव अमित अग्रवाल के समक्ष उठाएंगे। बैठक में स्कूलों के शीघ्र्र समायोजन व बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की जाएगी।
लांबा, सेठी, मेवात मॉडल स्कूल्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतीश खटाना व महासचिव निसार अहमद ने बताया कि स्कूलों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने के आदेश जारी होने के बाद स्टाफ के वेतन का बजट ही जारी नहीं किया। मेवात के विभिन्न खंडों में स्थापित 8 मेवात मॉडल स्कूलों में कार्यरत स्टाफ के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ईद, रक्षा बंधन जैसे त्योहार बिना वेतन के गुजर गए और अब दिवाली भी फीकी बीतने के आसार हैं। अप्रैल, मई में इन स्कूलों में कार्यरत दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। उनके आश्रितों को एक्सग्रेसिया नीति के तहत नौकरी देना तो दूर वेतन व अन्य बकाया लाभ भी परिवार को अब तक नहीं मिले हैं।
राजस्व एंव आपदा प्रबंधन के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल बैठक के दौरान शिक्षा विभाग को इन स्कूलों का बजट जारी करने के निर्देश दे चुके हैं। बावजूद उसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। वेतन में देरी को लेकर उच्च अधिकारियों से अनेक बार पत्राचार किया जा चुका है। लांबा ने कहा कि अमित अग्रवाल के साथ बैठक में सभी मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।