पंचकूला। उपायुक्त कार्यालय सेक्टर-1 में वीरवार को उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों के साथ चिन्हित अपराधों को लेकर बैठक की। इस दौरान पंचकूला के कुल-108 आपराधिक मामलों पर और 74 अंडर ट्रायल मामलों पर चर्चा की गई, जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चेन स्नेचिंग से संबंधित मामले शामिल हैं। इस अवसर पर विभिन्न अपराधों से संबंधित कानूनी पहलुओं पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले अच्छी तरह जांच करके संगीन मामलों की रिपोर्ट तैयार की जाए और की गई कार्रवाई की जानकारी दें।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि मामलों की जांच प्रक्रिया में तेजी लाकर जल्द से जल्द निपटान किया जाए, जिससे पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके, जिन संगीन आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके हैं, ऐसे मामलों में न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाना सुनिश्चित करें, जिससे आपराधिक प्रवृति के लोगों को कड़ा संदेश जाए और वे इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में मामलों की मजबूती से पैरवी की जाए ताकि अपराधी बच न पाएं। अतिरिक्त जिला न्यायवादी मनोज वशिष्ट ने उपायुक्त को विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए मामलों में की गई कार्रवाई की प्रगति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
वहीं, एसीपी विक्रम सिंह ने उपायुक्त को आश्वासन दिलाया कि आपराधिक मामलों की जांच प्रक्रिया में और तेजी लाते हुए न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम चंद्रकांत कटारिया, एसडीएम कालका संयम गर्ग, नगराधीश विश्वनाथ, यश कुमार जेल सुपरिटेंडेंट अंबाला, सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।