धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर सेक्टर पांच के धरनास्थल में जुटीं। प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद धरना दिया। हाउसिंग बोर्ड चौक पर देर रात प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरना दे रहीं हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को प्रदर्शन जिला प्रधान ऊषा रानी व उप प्रधान रीटा रानी के नेतृत्व में किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं डेढ़ महीने से अधिक समय से धरना-प्रदर्शन कर रही हैं लेकिन विभाग और सरकार उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रही है। जिला प्रधान ऊषा रानी ने बताया कि विभाग के अधिकारियों को कई बार मांगों का ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन अब तक कोई मांग नहीं मानी गई।
उनकी मुख्य मांगों में तीन साल पहले हुए समझौते को लागू करना, कैथल में बर्खास्त कार्यकर्ताओं की सेवाएं बहाल करना, पोषण ट्रैक एप पर रोक लगाना, केंद्रों के किराये का बकाया भुगतान करना, गैस सिलिंडर आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करना, पेंशन सुविधा लागू करना, परियोजना को एनजीओ के हवाले न करना, सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्ले वे की ट्रेनिंग देना शामिल हैं।
वोकेशनल टीचरों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन
हरियाणा वोकेशनल शिक्षक एसोसिएशन ने सेक्टर-5 धरनास्थल पर दूसरे दिन धरना प्रदर्शन किया। हरियाणा के अन्य जिलों से 1800 से अधिक टीचर्स यहां जुटे हैं। हरियाणा वोकेशनल शिक्षक एसोसिएशन के राज्य प्रधान अनूप सिंह ढिल्लो ने बताया कि सरकार की ओर से दो बार बात की गई लेकिन टीचर्स की मांग नहीं मानी गई।
उन्होंने बताया कि अगर हमारी समस्या का हल नहीं निकाला गया तो सीएम आवास का घेराव करेंगे। वोकेशनल टीचर्स की मांगें जायज हैं। सरकार को इसे जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। विभाग में समायोजन की मांग वर्ष 2019 में भाजपा सरकार ने पूरा करने का वादा किया था लेकिन दो साल बीतने के बाद भी आज तक पूरी नहीं किया। इसे पूरा किया जाना चाहिए। मीटिंग में अगर हमारी तीनों मांगे पूरी नहीं करते हैं तो वोकेशनल शिक्षक फिर से महाआंदोलन की तैयारी करेंगे।