चंडीगढ़। हरियाणा के आईएएस व आईपीएस अधिकारियों की ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के खिलाफ दाखिल याचिका को अधिकारियों ने अर्जी दाखिल कर याचिका खारिज करने की मांग की है। हाईकोर्ट ने अर्जी पर याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
पंचकूला निवासी आनंद प्रकाश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि सोसायटी को दस्तावेजों के बगैर और नियम तोड़ कर प्लॉट जारी किया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 2001 में पंचकूला की मनसा देवी कॉमप्लेक्स में यह जमीन का अलॉट की थी और सोसाइटी में 83 सदस्य हैं। 2014 में दाखिल इस याचिका में कहा गया था कि वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून के खिलाफ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अधिकारियों से मिली भगत कर यह जमीन हासिल कर ली। याचिका में सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की और अलॉटमेंट रद्द करने की मांग की गई थी। अब अधिकारियों ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि याचिका में लगे आरोपों की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया था।
जांच में आरोप निराधार पाए गए और शहरी विकास प्राधिकरण भी आरोपों को नकार चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटाते तीन महीने में इस याचिका का निपटारा करने का हाईकोर्ट को आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तीन साल बीत चुक हैं लेकिन अभी तक यह याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। अर्जी में हाईकोर्ट से अपील की गई कि इस मामले में जल्द सुनवाई हो तथा मुख्य याचिका को खारिज किया जाए। हाईकोर्ट ने अब अर्जी पर याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।