चंडीगढ़। 16वें वित्त आयोग की टीम चेयरमैन डॉ. अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में रविवार को चंडीगढ़ पहुंच गई, जिसका पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्वागत किया। इससे पहले शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोग के चेयरमैन को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। पंजाब सरकार की आयोग के साथ सोमवार को बैठक होगी। बैठक के लिए राज्य के वित्त व योजना विभाग की तरफ से एक प्रेजेंटेशन तैयार की गई है। इसके तहत आयोग से बॉर्डर एरिया के लिए प्रदेश को विशेष पैकेज देने की मांग की जाएगी। इसके अलावा फसल विविधीकरण के लिए भी पैकेज मांगा जाएगा। जीएसटी लागू होने के बाद किस तरह से प्रदेश के आय के स्रोत कम हुए है, उससे भी आयोग को अवगत करवाया जाएगा, ताकि इसकी भरपाई के लिए राज्य को उचित फंड मिल सके। इस दौरान दोपहर बाद एक निजी होटल में सभी राजनीतिक दलों के साथ भी आयोग बैठक करेगा। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि वित्त आयोग के पहुंचने से पंजाब को बड़ी उम्मीदें हैं और यकीन है कि वह इन उम्मीदें को पूरा करेगा।
सोमवार सुबह वित्त आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में यह बैठक होगी, जिसमें वित्त हरपाल चीमा भाग लेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बैठक में उपस्थित रह सकते हैं। इस दौरान वित्त विभाग की तरफ से अपनी प्रेजेंटेशन दी जाएगी। मंगलवार को आयोग की टीम अमृतसर जाएगी, जहां पर प्रदेश के बड़े वित्तीय विशेषज्ञों, उद्योगपतियों व व्यापारियों व अन्य हितधारकों से बैठक करके उनकी मांगें जानी जाएगीं। इन बैठकों के आधार पर ही आयोग प्रदेश के लिए विशेष पैकेज के संबंध में कोई भी फैसला लेगा।
बैठक के दौरान वित्त विभाग की तरफ से सीमावर्ती इलाकों में औद्योगिक विकास के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की जाएगी। इसके अलावा यह सूबा पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है, जिस कारण प्रदेश का 35 प्रतिशत पुलिस बल सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में तैनात रहता है। राज्य सरकार अपने पुलिस बल की तैनाती के लिए अतिरिक्त धन की मांग करेगी। जीएसटी लागू होने से आय के कई स्रोत केंद्र के पास चले गए हैं। यही कारण है कि प्रदेश को फंड की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला भी आयोग के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि इस कमी को पूरा करने के लिए फंड का उचित आवंटन करवाने में सहायता मिल सके।
भाजपा ने आयोग के साथ बैठक के लिए दो पदाधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी :
भारतीय जनता पार्टी ने वित्त आयोग के साथ बैठक के लिए अपने दो पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। इसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरजीत सिंह ग्रेवाल और प्रदेश महासचिव डॉ. जगमोहन सिंह राजू शामिल हैं।