पंचकूला। गांव झूरीवाला में डंपिंग ग्राउंड को लेकर घग्गर पार के लोगों में रोष है। स्थानीय लोगों की मांग है कि नासिक की तर्ज पर शहर से 20 किलोमीटर दूर डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट किया जाए, तभी घग्गर पार के सेक्टर-23, 24, 25, और 26 के लोगों को बदबू से राहत मिलेगी। दो साल पहले नासिक में फ्रांस की कंपनी द्वारा लगाए कूड़ा निस्तारण मशीन को देखने के लिए पंचकूला नगर निगम, अर्बन लोकल बॉडी के अधिकारी, विधायक ज्ञानचंद गुप्ता सहित घग्गर पार के सेक्टरों से कुछ लोग गए थे। वहां शहर से 20 किलोमीटर दूर डंपिंग ग्राउंड था, वहां कूड़ा निस्तारण होने के बाद बिल्कुल बदबू नहीं आ रही थी। उस समय नासिक प्रोजेक्ट के तहत पंचकूला के डंपिंग ग्राउंड को लेकर सहमति भी बनी थी, लेकिन कुछ समय बाद फ्रांस की कंपनी को जर्मनी की एक कंपनी ने टेकओवर कर लिया, उसके बाद जर्मनी की कंपनी के पदाधिकारियों ने पंचकूला का दौरा भी किया था, लेकिन प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। इसका खुलासा सेक्टर-26 आरडब्लूए के प्रधान बीएस हीरा ने किया। पंचकूला से नासिक जाने वाले कमेटी में बीएस हीरा भी शामिल थे। लोगों का कहना है कि शहर तो बढ़ता जा रहा है, लेकिन सुविधाएं उसके अनुरूप नहीं मिल रही हैं।
एनजीटी के आदेशों को भी रख दिया ताक पर
2013 के बाद रोजाना सेक्टर-23 में कचरा फेंकने के बाद इसके ऊपर मिट्टी, पॉलीथिन, कीटनाशक स्प्रे डालने सहित अन्य एहतियात बरतने की ट्रिब्यूनल हिदायत थी, लेकिन इसमें भी जमकर लापरवाही हुई। अब डंपिंग ग्राउंड झूरीवाला में शिफ्ट होने के बाद भी वहां कचरे के ऊपर मिट्टी, पॉलीथिन और कीटनाशक स्प्रे नहीं डाला जा रहा है। सेक्टर-25 आरडब्लूए के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बीआर मेहता ने बताया कि झूरीवाला में नेचुरल चो बना है। इसका बरसाती पानी घग्गर नदी में आता है, अब डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट होने के बाद डंप कचरा का पानी घग्गर नदी में जा रहा है। उन्होंने बताया कि एनएच के बिल्कुल पास डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट किया गया है, जिससे सेक्टर-25 की दूरी 500 मीटर है, अब तो कचरे के बदबू से पूरे घग्गर पार के सेक्टरों में बसे लोग परेशान हो चुके हैं। इसका कोई स्थायी हल नहीं निकल पाया।
एचएसवीपी के कई ट्यूबवेल हुए खराब
सेक्टर-26 निवासी और बसपा के जिला अध्यक्ष अनिल पंगोत्रा ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड मसले को लेकर प्रदेश सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है। सेक्टर-23 के डंपिंग ग्राउंड में डंप कचरा की वजह से एचएसवीपी के कई ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। यहां का पानी पीने लायक नहीं है। डंपिंग ग्राउंड शहर से दूर शिफ्ट होना चाहिए। झूरीवाला में डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट करने से समस्या और बढ़ गई है।
बदबू और मक्खियों से हैं बेहाल
सेक्टर-23 निवासी सरला ने बताया कि वह जब से सेक्टर-21 से सेक्टर-23 में शिफ्ट हुई हैं। यहां बरसात के दिनों में रहना मुश्किल हो जाता है। मक्खी और मच्छर से पूरे सेक्टर के लोग परेशान हैं। बीमारियों का यहां अक्सर खतरा बना रहता है। रोजाना यहां सांप निकलते रहते हैं।
सेक्टर में यह भी हैं समस्याएं
सेक्टर-26 आरडब्लूए के प्रधान बीएस हीरा ने बताया कि बी रोड पर स्पीड ब्रेकर नहीं है। इसके चलते यहां सड़क हादसे होते रहते हैं। वहीं लावारिस पशुओं से स्थानीय लोग परेशान हैं। यहां एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा पार्कों में लगाए ओपन जिम के बेस पर नट बोल्ट लगे हैं, जिससे पार्क में खेलते समय बच्चे चोटिल होते रहते हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। वहीं अनिल पंगोत्रा ने बताया कि सेक्टर में बने कम्युनिटी सेंटर में एक भी कमरा नहीं है। शादी समारोह के दौरान लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा यहां कम दबाव में पानी आने से लोग परेशान हैं।