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Panchkula News: डीसी ने कहा-हरिके वेटलैंड सेंक्चुरी में कोई अवैध निर्माण नहीं, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

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फिरोजपुर के डीसी को हलफनामा दाखिल कर स्पष्टीकरण का दिया आदेश
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सेंक्चुरी के निकट मौजूद दो गुरुद्वारों पर भी सरकार से मांगा जवाब

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब के फिरोजपुर स्थित हरिके वेटलैंड सेंक्चुरी में अवैध निर्माण न होने की दलील डीसी को भारी पड़ गई। हाईकोर्ट ने डीसी को फटकार लगाते हुए इस पर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। साथ ही सेंक्चुरी के नजदीक मौजूद गुरुद्वारों को लेकर भी हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

फिरोजपुर निवासी जसकिरण जीत सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि फिरोजपुर, तरनतारन और कपूरथला जिले में फैले सैंकड़ों एकड़ वेटलैंड पर बड़े स्तर पर अवैध तरीके से कब्जे हो रहे हैं। फिरोजपुर जिले में पड़ी हरिके वेटलैंड सेंक्चुरी की नियमों के अनुसार सेल डीड जारी नहीं की जा सकती। पंजाब सरकार ने इस बाबत अधिसूचना भी जारी की थी लेकिन साल 2007 और 2008 के बीच इस जमीन के कुछ हिस्से की सेल डीड कर दी गई और अगस्त 2015 तक इस सेंक्चुरी में लगभग बड़े स्तर पर निर्माण कार्य शुरू हो गए जिसमें दो गुरुद्वारे भी शामिल हैं।
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याची ने हाईकोर्ट में कुछ फोटो सौंपते हुए बताया कि फोटो साफ दर्शाती हैं कि वेटलैंड फैंसिंग के भीतर निर्माण कार्य जारों पर है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में राज्य सरकार और पर्यावरण मंत्रालय को उचित निर्देश दिए जाएं ताकि यह अवैध कब्जा रोका जा सके। हाईकोर्ट ने 2016 में निर्माण पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि डीसी व एसएसपी सुनिश्चित करें कि कोर्ट के आदेश का पालन हो। याची ने कहा कि इस सेंक्चुरी में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं और यहां किसी भी प्रकार के ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जाने चाहिए। बावजूद इसके बिजली विभाग ने एक ट्रांसफार्मर भी लगा दिया है जिस कारण प्रवासी पक्षी जो यहां आकर बैठते हैं उनकी जान को खतरा बन गया है।
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सुनवाई के दौरान याची पक्ष की वकील सुप्रिया गर्ग ने कहा कि अभी भी वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी में निर्माण कार्य जारी है, जबकि हाईकोर्ट 2016 में यथास्थिति के आदेश जारी कर चुका है। फिरोजपुर के डीसी ने कहा कि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण हाईकोर्ट के आदेश के बाद नहींं हुआ है। हाईकोर्ट ने डीसी के रवैए पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ समय पहले तक वह अवैध निर्माण की बात मान रहे थे और अब अचानक उनका रुख बदल गया है। ऐसे में हाईकोर्ट ने डीसी को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही दो गुरुद्वारों को लेकर जवाब मांगा है कि वे वनक्षेत्र के बाहर हैं या सेंक्चुरी के भीतर।
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