पंचकूला/मोरनी। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हरियाणा सरकार द्वारा वन, वन्य प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए वन एवं पर्यावरण संरक्षण बहुत आवश्यक है। दत्तात्रेय शुक्रवार को मोरनी स्थित नेचर कैंप थापली में वन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है, लेकिन इस दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। इससे पूर्व उन्होंने नेचर कैंप थापली का भ्रमण किया। इस मौके पर उनके साथ पत्नी वसंता बंडारू और उनके संबंधी बी. जर्नाधन रेड्डी और उपायुक्त महावीर कौशिक भी उपस्थित थे। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा वन, वन्य प्राणी और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि इस दिशा मे बेहतर परिणाम सामने आएं।
दत्तात्रेय ने कहा कि वन विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 में प्रदेश में तीन करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक दो करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल व सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के उप कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि वे विश्वविद्यालयों के परिसरों को हराभरा रखें। राज्यपाल ने कहा कि मोरनी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसे एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोरनी में एडवेंचर स्पोर्ट्स के शुरू होने से पर्यटकों का रुझान मोरनी की तरफ काफी बढ़ा है। इससे पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक वीएस तंवर ने वन और वन्य जीव विभाग की गतिविधियों पर एक प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि मोरनी पहाड़ियों का कुल क्षेत्रफल करीब 50,000 एकड़ है। इसे स्थानीय राजस्व इकाई में विभाजित किया गया है। पूरा मोरनी पहाड़ी क्षेत्र वनस्पति और पशु संपदा में बहुत समृद्ध है। जानवरों में तेंदुआ इस क्षेत्र में प्रमुख है।
इसके पश्चात राज्यपाल ने हरड़ वाटिका, मोरनी फोर्ट और टिक्कर ताल का दौरा किया। उन्होंने टिक्कर ताल में पौधरोपण किया और वहां साहसिक गतिविधियों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर हरियाणा वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक विवेक सक्सेना, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक जी. रमन और विनोद कुमार व केसी मीणा, मुख्य वन संरक्षक टीपी सिंह, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, एसडीएम ऋचा राठी, जिला वन अधिकारी भूपेंद्र राघव और सहायक जिला वन अधिकारी अनीता भी उपस्थित थीं।