पंचकूला। सेक्टर-12 आर्थिक अपराध शाखा के भवन में साइबर अपराध को कम करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए साइबर थाना स्थापित कर दिया गया है। इसकी शुरुआत जुलाई के पहले सप्ताह में होगी। इसकी तैयारियां चल रही हैं। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर डॉ. हनीफ कुरैशी ने की। फिलहाल एक एसएचओ सहित पांच से छह पुलिस कर्मचारियों की यहां तैनाती की जाएगी, लेकिन कुछ माह में इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 20 से 35 कर दी जाएगी।
साइबर अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दो साल में साइबर क्राइम में कई गुना इजाफा हुआ है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने साइबर थाना स्थापित करने का फैसला किया है। इससे पहले भी साइबर अपराधों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर तत्कालीन डीसीपी ले हर थाने में साइबर डेस्क स्थापित किया है। इससे साइबर अपराध पर नकेल नहीं लग सकी थी। साइबर सेल की टीम ज्यादातर तकनीक कार्य संभाल रही थी। ठगी करने वालों की लोकेशन, उनके द्वारा हड़पी गई धनराशि को ट्रांसफर करने वाले खातों की जानकारी, संबंधित खाताधारकों की जानकारी और साइबर ठगी में प्रयुक्त नंबरों की पहचान निकालती थी।
जिले में साइबर थाने की दरकार क्यों
बढ़ते साइबर क्राइम के मामलों को देखकर जिले में साइबर थाने की दरकार बनी हुई है। प्रतिदिन जिला पुलिस के पास ऑनलाइन ठगी के मामले पहुंच रहे हैं। मगर संसाधनों की कमी और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी से पुलिस इन साइबर ठगों तक नहीं पहुंच पाती है। इस कारण साइबर ठग आसानी से लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते हैं।
जिला पुलिस समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर लोगों को साइबर ठगों से सतर्क रहने के लिए जागरूक करती है, लेकिन साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों की मेहनत की कमाई उनके खातों से निकाल लेते हैं। साइबर अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिले में पिछले कुछ वर्षों में साइबर क्राइम में कई गुना वृद्धि हुई है। अभी तक साइबर सेल की मदद से साइबर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाता था। मगर साइबर अपराधियों का जाल कई राज्यों तक फैला होने के चलते अपराधी जल्द पकड़ में नहीं आते थे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा थाना
साइबर थाने में साइबर क्राइम के विशेषज्ञ और तकनीक के जानकार कर्मियों को तैनात किया जा रहा है। इन कर्मचारियों को साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि साइबर ठगी होने के तत्काल बाद टीम सक्रिय हो सके और ठगी करने वालों तक पहुंचा जा सके। इसके अलावा थाने में आधुनिक तकनीक के कंप्यूटर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द साइबर ठगों तक पहुंचकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।