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‘सेक्टर-8 में नाइट फूड स्ट्रीट से राजस्व के साथ बढ़ेगा अपराध’

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पंचकूला। नाइट फूड स्ट्रीट योजना शहर को चहल-पहल से भर देगी। यहां शहरवासी देररात तक अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद उठा सकेंगे। यह योजना कई लोगों को रोजगार भी मुहैया कराएगी और सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा। यह बात फोरा अध्यक्ष आरपी मल्होत्रा ने नाइट फूड स्ट्रीट योजना का स्वागत करते कही है। उन्होंने चिंता व्यक्त कर कहा है कि नाइट फूड स्ट्रीट के स्थान का चयन करते वक्त विशेष ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है।
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सेक्टर-8 शहर का एक मात्र ऐसा सेक्टर है, जो रात में सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया जाता है। गेट सुरक्षा का सेक्टर वासियों को बहुत लाभ भी हुआ है। जब से गेट लगें हैं रात को होने वाली वारदात ना के बराबर हैं। ऐसे में नाइट फूड स्ट्रीट सेक्टर में चोरी जैसी वारदातों को न्योता देने जैसा है। सेक्टर-20 की बात करें तो वहां सेक्टर-8 जैसी दिक्कत नहीं है, क्योंकि वहां हर सोसायटी का अलग सिक्योरिटी सिस्टम है। सेक्टर-26 और घग्गर पार के सभी सेक्टर अभी डेवलपमेंट स्टेज पर हैं। वहां किसी भी सेक्टर में ऐसे प्रोजेक्ट उनके विकास को गति प्रदान करेंगे, लेकिन क्या यह सेक्टर की मूलभूत योजना का हिस्सा बनेंगे। सेक्टर के पूरा विकसित होने पर क्या यह सामान्य जनजीवन की शांतिभंग तो नहीं करेगा।
नाइट फूड स्ट्रीट के लिए उपयुक्त स्थान शहर से निकलता हुआ बरसाती नाला है, जो आज जंगली घास और गंदगी से सैकड़ों घरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। नाले की सफाई करवाकर एक पिकनिक स्पॉट बनाया जा सकता है। नाइट फूड स्ट्रीट के लिए दूसरा महत्वपूर्ण स्थान है सेक्टर-5 जोकि कई प्रयासों के बावजूद पांच दशक में वहां फुटफाल नहीं ले पाया, जितनी एक सिटी सेंटर की होनी चाहिए। सेक्टर-16 के सब सिटी सेंटर के एरिया को भी इस प्रोजेक्ट के लिए सोचा जाना चाहिए। सभी संभावित स्थानों में से बरसाती नाला, जोकि कई सेक्टरों में से गुजरता है सबसे उपयुक्त स्थान रहेगा। आरपी मल्होत्रा ने कहा कि सेक्टर-8 में तो कहीं कोई निर्माण योग्य जगह नहीं बची है। ऐसे में नाइट फूड स्ट्रीट स्थापित करने के लिए पार्किंग या ग्रीन बेल्ट का अतिक्रमण करने के अतिरिक्त और कोई विकल्प नहीं है।
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