बठिंडा और मोहाली में बनेंगे अस्थायी अस्पताल।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
बढ़ते कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए पंजाब सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार बठिंडा और मोहाली में आईसीयू सुविधा से लैस दो बड़े अस्थायी अस्पतालों का निर्माण करने जा रही है। इसके अलावा प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर नौ और छोटे अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। ये अस्थायी अस्पताल 25 साल कार्यशील रहेंगे। अस्पतालों के लिए जमीन की पहचान का काम भी शुरू हो गया है।
प्रमुख सचिव मेडिकल शिक्षा और खोज (पीएसएमईआर) डीके तिवारी ने एक उच्चस्तरीय हुई बैठक में मुख्य सचिव विनी महाजन को बताया कि दोनों अस्पतालों में 104 बेडों की क्षमता होगी। मोहाली के अस्पताल को चालू करने के लिए फंड की व्यवस्था हो गई है। मोहाली मेडिकल कॉलेज द्वारा तालमेल और साजो-सामान की खरीद को जरूरी बनाया जाएगा। बठिंडा अस्पताल के लिए साजो-सामान की खरीद के लिए एचएमईएल के साथ काम करेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि पश्चिमी कमांड के सहयोग से बेडों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है और उत्पादों की यातायात संबंधी मंजूरी के लिए मेडिकल शिक्षा विभाग के साथ तालमेल किया जाएगा। सिविल मिलिट्री अफेयर्स, वेस्टर्न कमांड के डायरेक्टर कर्नल जसदीप संधू ने बताया कि वे मोहाली अस्पताल वाली जगह का दौरा कर चुके हैं। जमीन को खाली कर दिया गया है। मौजूदा बेडों का तुरंत प्रयोग करने की जरूरत महसूस की है, क्योंकि फील्ड अस्पताल यूनिट 3 दिनों में आगे बढ़ जाएगी।
मोहाली अस्पताल के लिए आक्सीजन पाइप लाइन, पानी और बिजली सप्लाई के अलावा सीवरेज कनेक्शन के लिए काम शुरू हो गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल ने कहा कि स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए मानसा, मुक्तसर और फाजिल्का में भी स्थानों का चयन किया है।