चंडीगढ़। पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के बीच बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट को सभी जिलों के डीसी को भेजकर सख्ती बरतने को कहा है। राज्य चुनाव अधिकारी डॉ. करुणा राजू ने रविवार को सोशल मीडिया पर लाइव आकर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लगते ही राज्य में आयोग अपना काम शुरू करेगा। अभी तक जिलों में होने वाली चुनावी रैलियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. राजू ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लगने के बाद चुनाव को लेकर जारी की गईं गाइडलाइंस को सख्ती से लागू किया जाएगा। चुनावी रैलियों में यदि तय मानकों से अधिक लोग एकत्र होंगे तो उनके खिलाफ आयोग सख्त कदम उठाएगा। आयोग चुनावी गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने के लिए पूरी नजर रखेगा। चुनाव के बीच कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा अधिक है। हालांकि अभी अधिकारियों को केंद्र सरकार और कोरोना से जुड़ी सभी तरह की गाइडलाइंस भेजकर सख्ती से लागू करने को कहा गया है।
मतदान प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि पोलिंग बूथ में मोबाइल ले जाने की मनाही रहेगी। इसके अलावा चुनाव के दौरान किसी अधिकारी द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी पर भी आयोग नजर रखेगा। ऐसे अधिकारियों को किसी तरह से नहीं बख्शा जाएगा।
स्वास्थ्य कर्मी नहीं बनेंगे बीएलओ
कोरोना संक्रमण को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला किया है। आयोग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि संक्रमण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) नहीं बनाया जाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है कि क्योंकि वह संक्रमण के दौरान अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक तरह से कर सकें।
कोरोना संक्रमितों को मिलेगी पोस्टल बैलेट सुविधा
कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पहली बार घरेलू एकांतवास में रखे गए संक्रमितों को पोस्टल बैलेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। डॉ. राजू ने बताया कि इसके साथ ही चुनाव में 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और जिन दिव्यांगों में 40 प्रतिशत से ज्यादा डिसेबिलिटी है, उन्हें भी पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाएगी।