चंडीगढ़। ऐलनाबाद उपचुनाव में उलटफेर की आस लगाए बैठी कांग्रेस टिकट न मिलने से नाराज नेताओं को मनाने में जुट गई है। उम्मीदवार पवन बेनीवाल को बनाए जाने से उनके चाचा व पूर्व प्रत्याशी भरत बेनीवाल खासा खफा हैं। उनके तल्ख तेवरों को देखते हुए प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के विशेष दूतों ने सिरसा में डेरा डाल दिया है। भरत अगर मानते हैं तो ही पवन की राह उपचुनाव में आसान होगी। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन करने का फैसला अपने कार्यकर्ताओं पर छोड़ दिया है।
उन्होंने शुक्रवार को अंतिम दिन निर्दलीय के तौर पर नामांकन तो दाखिल नहीं किया, लेकिन किसी भी दल में शामिल होने या उनके प्रत्याशी का समर्थन करने का विकल्प खुला रखा है। अब वह अगला कदम कार्यकर्ताओं की राय के बाद ही उठाएंगे। भरत बेनीवाल की ऐलनबाद के ग्रामीण क्षेत्र में अच्छी पैठ है। वह कांग्रेस टिकट पर बीते चुनाव लड़ चुके हैं। यह पहला मौका नहीं जब उनका टिकट कटा है, इससे पहले भी तीन बार उन्हें पार्टी के आशीर्वाद से महरूम होना पड़ा है। दो बार उनकी जगह केवी सिंह व एक बार रमेश भादू को ऐलनाबाद में टिकट दिया। कांग्रेस को इससे फायदा कम और नुकसान अधिक उठाना पड़ा।
पवन हाल ही में भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए हैं और आते ही सैलजा के वरदहस्त से टिकट भी पा लिया। इससे चार दशक से ऐलनाबाद में कांग्रेस की राजनीति कर रहे भरत बेनीवाल आहत हुए हैं। उन्होंने टिकट कटने के बाद साफ तौर पर कहा, दुख इस बात का है कि नए नवेले को टिकट दे दी गई, अगर किसी पुराने कांग्रेसी को देते तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती। भरत के इन तेवरों के बीच अब निगाहें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी टिकी हुई हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल ने भरत को मनाने का जिम्मा उन्हें सौंपा है।