पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने सिविल सर्जन पर दुर्व्यवहार, धमकाने और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। वीरवार को नर्सिंग कैडर की राज्य प्रधान विनीता बांगड़ और सुमन रानी ने बताया कि वे नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन से मिलने पहुंचे थे। तभी सिविल सर्जन ने उनकी बात सुनने के बजाय डांटने और धमकाने लगीं। यही नहीं वह नौकरी से निकालने की बातें कहने लगीं। वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उनका सिर्फ काम से मतलब है। काम के हमें रुपये मिलते हैं। इसलिए ईमानदारी से काम करना चाहिए।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि कई पीएचसी व सीएचसी में शाम व रात के समय डॉक्टर मौजूद नहीं रहते, जिससे नर्सिंग स्टाफ को अकेले डिलीवरी करवानी पड़ती है, जो न नियमों के खिलाफ है। यह स्टाफ की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। आपत्ति जताते हुए उन्होंने मेल व लिखित में 23 और 24 अप्रैल को शिकायत भी दी थी, लेकिन समाधान की बजाय उन्हें धमकियां मिलने लगीं। आरोप है कि सिविल सर्जन ने एक महिला नर्सिंग ऑफिसर को कमरे में बुलाकर एसीआर खराब करने और आईएएस पति का रौब दिखाकर डराने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि अगर किसी नर्सिंग ऑफिसर के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सिविल सर्जन की होगी। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सरकार से डॉक्टरों की तैनाती, नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा और उचित कार्य प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की है।