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सिविल अस्पताल : इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों के कार्ड की अनदेखी, अल्ट्रासाउंड स्टाफ मरीजों को भेज रहा ओपीडी

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पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में अल्ट्रासाउंड और डॉग बाइट के मरीजों को कर्मचारियों की लेटलतीफी के कारण परेशान होना पड़ रहा है। मरीजों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। कार्यशैली का आलम यह है कि कर्मचारी इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर की पर्ची में अल्ट्रासाउंड लिखे होने के बावजूद मरीजों को ओपीडी के डॉक्टर से दोबारा लिखवाकर लाने का दबाव बना रहे हैं। अमर उजाला प्रतिनिधि ने शनिवार और रविवार को सिविल अस्पताल जाकर व्यवस्थाओं को देखा तो इस तरह की अनियमितताएं सामने आई।
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मरीजों को अल्ट्रासाउंड और डॉग बाइट की फीस भरने के लिए मेडिकल काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करते देखा गया। नाराज मरीजों का कहना है कि अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही के कारण लोगों को उपचार समय पर नहीं मिल पा रहा है। इमरजेंसी में 24 घंटे सुविधा नहीं मिलने के कारण लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। इसके लिए मरीजों को अल्ट्रासाउंड बाहर से करवाने में 500 से 800 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। पंचकूला सहित बाहर से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डॉग बाइट का दो घंटे बाद लगा इंजेक्शन
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में डॉग बाइट का इलाज कराने बीड़ घग्गर निवासी दीपक कुमार 8 बजे पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह कुत्ते के काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। इसकी फीस की पर्ची मेडिकल सेंटर पर बननी थी। जब वह काउंटर पर पहुंचे तो वहां पर एक घंटे फीस नहीं ली गई।
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कई बार लगाने पड़े चक्कर
जीरकपुर निवासी दलजीत सिंह अपनी बेटी मनदीप कौर का इलाज कराने पहुंचे थे। कुत्ते के काटने के एक घंटे बाद तक फीस नहीं लेने की वजह से उनको परेशानी हुई। मनदीप कौर ने बताया कि उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला है। उन्हें बहुत डर लगा रहा। वह दो से तीन बार इंजेक्शन लगवाने की पर्ची कटवाने के लिए गईं लेकिन एक घंटे बाद जब कर्मचारी आए तब उनकी पर्ची काटी गई।
अल्ट्रासाउंड करवाने में हुई परेेशानी
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में सेक्टर-17 से आए सुधीर शर्मा ने बताया कि उन्हें पेट और पैर में दर्द था। इमरजेंसी के डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा। अल्ट्रासाउंड रूम सुबह के समय बंद था। दोबारा जब अल्ट्रासाउंड रूम में गया तो उनको ओपीडी में दिखाने की सलाह दी गई। परेशान होने के बाद अब प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करवाने गए तो उनसे 600 रुपये लिए गए।
अल्ट्रासाउंड की इस अव्यवस्था की जांच कराएंगे। इस तरह का मामला सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। - सुबीर सक्सेना, पीएमओ, सिविल अस्पताल
अस्पताल में सभी व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। अल्ट्रासाउंड और इंजेक्शन में जो भी खामियां आ रही हैं उसे भी दुरुस्त किया जाएगा। कर्मचारी ड्यूटी में जो लापरवाही करेंगे उनकी भी जांच कार्रवाई की जाएगी। - मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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