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क्रिमिनल लॉ में अभी पास नहीं सिटी मजिस्ट्रेट, दर्जनों एसडीएम

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चंडीगढ़। हरियाणा में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट और दर्जनों एसडीएम सिर्फ नाम के ही नगराधीश और उपमंडलाधिकारी हैं। अभी क्रिमिनल लॉ का पेपर पास न करने के कारण उनके पास मजिस्ट्रेट की शक्तियां ही नहीं हैं। शक्तियां हासिल करने के लिए यह पेपर पास करना जरूरी है।
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नवनियुक्त आईएएस, एचसीएस को सिटी मजिस्ट्रेट या एसडीएम लगाना सरकार का विशेषाधिकार है। लेकिन, 5 नवंबर 1984 को प्रदेश सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना पर कनिष्ठ आईएएस या एचसीएस खरा नहीं उतरते। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार ने बताया कि प्रदेश में एसडीएम एवं सिटी मजिस्ट्रेट आदि संवेदनशील पदों पर तैनात उन्हीं आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 20(1) में कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर निर्धारित शक्तियां प्रदान की जा सकती हैं जिन्होंने प्रशिक्षण के बाद सरकार की विभागीय परीक्षा में क्रिमिनल लॉ (दंड विधि ) का पेपर उच्च श्रेणी (हायर स्टैंडर्ड ) एवं हिंदी भाषा का पेपर पास किया हो।
2020 बैच के एक भी आईएएस, एचसीएस क्रिमिनल पेपर पास नहीं
प्रदेश में 2020 बैच के सभी एवं 2019 बैच के कई आईएएस, एचसीएस अधिकारियों ने अब तक क्रिमिनल लॉ का पेपर पास नहीं किया है। जिससे सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम पद पर कार्यरत नए अफसर किस प्रावधान के तहत शक्तियों का प्रयोग कर रहे हैं, ये जानना जरूरी है। प्रदेश सरकार की केंद्रीय परीक्षा समिति अगली विभागीय परीक्षा अगस्त 2021 में लेगी। ऐसे में कानूनी तौर पर इन्हें पद अनुसार शक्तियां पेपर पास करने पर ही मिल सकती हैं। हेमंत ने सरकार से आग्रह किया है कि वह बताए नवनियुक्त सिटी मजिस्ट्रेट किस प्रावधान के तहत अपने पद की शक्तियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या सरकार ने उन्हें कोई विशेष छूट दी है। अगर दी हुई है तो जनता के लिए यह जानकारी आवश्यक है।
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