पंचकूला। ये कैसा चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क है। यहां चिल्ड्रन हैं ना ही नियमों की जानकारी देने वाला ट्रैफिक पुलिस का कोई मुलाजिम। सेक्टर -12 में 6 एकड़ में लाखों की लागत से बना पार्क जीर्ण-शीर्ण हालात में पहुंच गया है। इस पार्क में अब पहले की तरह यातायात के नियमों की जानकारी नहीं मिलती है। कोरोना काल से पहले यहां कुछ बच्चे और लोग घूमने आते भी थे, लेकिन अब वे भी नहीं दिखते हैं। यातायात का उल्लंघन करने वाले लोग पार्क में बने ट्रैफिक चालान ब्रांच में जुर्माना भुगतने जरूर आते हैं। पर यहां सफाई नहीं होने से जगह -जगह गंदगी फैली हुई है।
20 साल पहले बच्चों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने लाखों रुपये खर्च कर सेक्टर -12 में छह एकड़ में पार्क बनाया था। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री धीर पाल सिंह की मौजूदगी में 23 अप्रैल 2002 को इस पार्क का उद्घाटन किया था। कुछ साल ट्रैफिक पुलिस के मुलाजिम यहां बच्चों को ट्रैफिक के नियमों की जानकारी देते रहे। विभिन्न स्कूलों के बच्चे बसों में ट्रिप पर यहां आते थे, जिन्हें पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते थे, लेकिन कोरोना काल के पहले से अब यहां बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने वाला कोई नहीं है।
ट्रैफिक लाइट बंद, जंग खा रहे बोर्ड
चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में यातायात के नियमों की जानकारी देने के लिए नकली आधारभूत संरचना विकसित किया गया था। यहां बच्चों को जागरूक करने के लिए ट्रैफिक लाइट भी लगाए गए हैं, जो कई सालों से खराब पड़े हैं। अब यहां धीरे धीरे बच्चों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए बनाए साइन बोर्ड भी उखड़ने लगे हैं।
इसके अलावा पार्क में जागरूकता के लिए गोल चक्कर, पेट्रोल पंप, रेलवे फाटक, पैदल पथ, स्लिप रोड, वन वे रोड बनाई गई है। जगह - जगह स्पीड लिमिट, हॉर्न बजाने पर मनाही की जानकारी देते साइन बोर्ड लगे हैं। कुछ जगह बाएं मोड़, दाएं मोड़, स्टॉप, आगे प्रतिरोध के भी बोर्ड लगे हैं। रास्ते में डमी पेट्रोल पंप, शॉपिंग प्लाजा, लाइब्रेरी, म्यूजियम, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, अस्पताल भी बनाए गए हैं। लेकिन अब ये सब प्रशासन की निष्क्रियता और बच्चों के अभाव के कारण जर्जर हाल में पहुंच गए हैं।
सेक्टर-12 में बना चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क महज सैर सपाटे के लिए रह गया है। यहां ट्रैफिक के नियमों की जानकारी देने वाला कोई नहीं है। पार्क में बना शौचालय में गंदा पड़ा है। उसकी साफ सफाई नहीं होती। - सूरज, 11वीं कक्षा का छात्र।
नाम का चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क है। यहां लगे ट्रैफिक लाइट प्वाइंट सालों से बंद पड़े हैं। यहां विद्यार्थियों को कैसे जागरूक किया जाएगा। यहां जगह-जगह लगे ट्रैफिक के नियमों के प्रति जागरूक करने वाले साइन बोर्ड उखड़ने लगे हैं। चारों तरह गंदगी फैली रहती है। - इरफान हुसैन, 9वीं कक्षा का छात्र।
चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क रखरखाव के अभाव में बदहाल होने लगा है। पार्क में विद्यार्थियों को ट्रैफिक के नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कोई होना चाहिए। यहां जगह जगह जालियां टूटी हुई हैं। शौचालय से इतनी बदबू आती है, कि कोई उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता। हेमंत, 9वीं कक्षा का छात्र।
सेक्टर-12 स्थित चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क का शौचालय बदहाल है। यहां वॉश बेसिन में लगी पानी की सारी टूंटियां गायब हैं। यहां पेयजल का भी कोई प्रबंध नहीं है। ट्रैफिक नियमों की जानकारी जैसा यहां कुछ भी नहीं है। मोहित, 9वीं कक्षा का छात्र।
सेक्टर-12 ट्रैफिक पार्क से जुड़ा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच करवा लेता हूं। - राजकुमार रंगा, एसीपी ट्रैफिक पंचकूला