फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री चन्नी ने 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड किया पेश, सिद्धू पर शायराना कटाक्ष, कहा- जाते-जाते बेकरारी जाएगी

विज्ञापन
विज्ञापन
आते-आते आएगा दिल को करार। जाते-जाते बेकरारी जाएगी। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का यह शायराना जवाब उस सवाल पर था, जिसमें शनिवार को पत्रकारों ने उनसे नवजोत सिद्धू द्वारा सरकार के काम पर बार-बार सवाल खड़े किए जाने के बारे में पूछा था। पहले तो मुख्यमंत्री ने इसे टाला, फिर शेर पढ़कर मुस्कुरा दिए। अपने 100 दिन के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिए बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने सरकार की उपलब्धियों के इतर सवाल पूछे। इनमें नवजोत सिद्धू के सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति व्यवहार के बारे में भी पूछा गया।
विज्ञापन

वैसे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह सिद्धू के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं और मिलकर काम कर भी रहे हैं। सिद्धू उनकी सरकार के कार्यों पर सवाल खड़े करते रहते हैं, इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा- रहने दो। इस मसले पर न ही बुलवाओ। उन्होंने आगे कहा कि रेत माफिया खत्म कर दिया गया है और अफसर दावा कर रहे हैं कि 5 रुपये फुट रेत ही खड्ड से निकाली जा रही है। आगे रेत के दाम में परिवर्तन होता है। उन्होंने केबल माफिया के बारे में कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का विषय है। चन्नी ने यह भी कहा कि कैप्टन सरकार के समय सिद्धू ने इस पर कानून बनाया था, लेकिन वह सही नहीं बन सका था। फिर भी उनकी सरकार इस मसले को अवश्य हल करेगी।
मेरा न कोई ओएसडी, सलाहकार, न पीए
सरकार के खर्च को कम करने और पूर्व मुख्यमंत्रियों के बाद सरकारी आवास के नाम पर दो-दो बंगले रहने बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में चन्नी ने कहा- पहले मुख्यमंत्री के पास ओएसडी और सलाहकारों की बड़ी फौज थी, जिस कारण सरकार को फिजूल ही लाखों रुपयों का बोझ उठाना पड़ रहा था। इस फौज के लिए ही मुख्यमंत्री दूसरा बंगला रखा करते थे, लेकिन न तो मेरा कोई ओेएसडी है, न सलाहकार और न ही मेरा कोई पीए है। चन्नी ने यह भी कहा कि मैंने मुख्यमंत्री का एक भी बंगला नहीं लिया है और मंत्री के रूप में जो मकान मुझे अलाट हुआ था, मैं उसी में रह रहा हूं। उन्होंने पहले ही दिन से इस तरीके से कामकाज शुरू किया कि मुख्यमंत्री से जुड़े स्टाफ का बोझ कम से कम रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें