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ठगी : कोरोना काल में साइबर ठगों की हुई चांदी, 1.55 करोड़ ठगे, तीन माह में करीब 15 मामले आए सामने

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पंचकूला। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ज्यादातर मामले बैैंक और बैैंकिंग एप के फर्जी कस्टमर केयर नंबर के सामने आए हैं। कोरोना काल के दौरान वर्ष-2021 में कुल 87 केस साइबर थाना पंचकूला में दर्ज हुए हैं। इनमें से चार मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। शेष की अभी जांच जारी है। इस दौरान ठगों ने 1.55 करोड़ की ठगी की है। साल-2022 के तीसरे माह तक करीब 10-15 साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं।
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कई मामलों की चल रही है जांच
साइबर ठग इतने शातिर हैं कि इन्हें पकड़ पाना काफी मुश्किल है। पंचकूला पुलिस ने साल-2021 में ठगी के 87 मामले दर्ज किए। तीन मामले निरस्त हो गए और कई मामलों की जांच चल रही है। पुलिस ने कुछ मामलों को सुलझाकर 5.82 लाख रुपये रिकवर किए हैं। सूत्रों की मानें तो जितनी भी साइबर ठगी हो रही है, सब फर्जी आईडी पर चल रहे नंबर और फर्जी आईडी पर खुले बैंक खातों से हो रहे हैं। ऐसे में अपराधियों को ट्रेस कर पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है।
साइबर ठगों से ऐसे बचे
किसी भी तरह के आफर के लालच में ना आएं, अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में ना आएं, अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें, फेसबुक, ट्विटर आईडी का पासवर्ड मजबूत रखें, सरल पासवर्ड न रखें, कोई रुपयों की मांग करता है तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
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थानों में खुले साइबर हेल्प डेस्क
पुलिस महानिदेशक हरियाणा पीके अग्रवाल के आदेशानुसार साइबर अपराध से निपटने के लिए सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। साइबर डेस्क पर प्रशिक्षित साइबर नोडल ऑफिसर व सहायक नोडल ऑफिसर को नियुक्त किया गया है। साइबर डेस्क के माध्यम से साइबर ठगी से पीड़ित व्यक्ति को बिना देरी के न्याय मिलेगा और पीड़ित की शिकायत पर जल्द कार्यवाई की जाएगी, ताकि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी से ठगी राशि को उनके पास पहुंचने से रोका जा सके। ठगी से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए जल्द कानूनी कार्रवाई की जा सके। साइबर ठगी का शिकार व्यक्ति नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्प लाइन 155260 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकता है।
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