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उपभोक्ता आयोग का फैसला: खराब रूम सर्विस और होटल में कमरा न देने पर ट्रैवल फर्म और होटल को भुगतान के निर्देश

Thu, 28 Oct 2021 11:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर लौटाई जाने वाली और मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करना पड़ेगा।
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court - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वादे के अनुसार होटल में कमरा नहीं देने और खराब रूम सर्विस पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-2 ने मेसर्स ट्रेवल टॉकीज और महसोर व्यू मनाली को निर्देश दिया है कि वे शिकायतकर्ता को 10 हजार 302 रुपये लौटाएं। इस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करना होगा। साथ ही दस हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च के भी अदा करने होंगे।

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आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर लौटाई जाने वाली और मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करना पड़ेगा। शिकायतकर्ता मंजीत सैनी निवासी सेक्टर-15 चंडीगढ़ ने गांव और डाकखाना रामपुर जिला शिमला (हिमाचल प्रदेश) के मेसर्स ट्रेवल टॉकीज के मालिक/पार्टनर और महसोर व्यू मनाली (हिमाचल प्रदेश) के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ एक में शिकायत दी थी।

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सैनी ने शिकायत में कहा कि दूसरे पक्ष ने उन्हें कई पैकेज ऑफर किए, जिनमें टूर, हनीमून और हॉलीडे पैकेज (चार दिन और तीन रात के लिए) थे। दो कपल के लिए 30 हजार 500 रुपये का पैकेज था। उन्होंने 15 दिसंबर 2020 को 10 हजार 302 रुपये देकर चार अडल्ट का पैकेज बुक करा लिया। 25 दिसंबर को चेकइन करना था और 28 दिसंबर को चेकआउट।
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बुकिंग के अनुसार, वे अपनी पत्नी और एक अन्य कपल के साथ हमसोर व्यू मनाली पहुंचे, लेकिन वहां पर दूसरे पक्ष ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। वेलकम ड्रिंक्स और रूम सर्विस भी नहीं दी गई। इसके बाद वह दूसरे होटल रुद्रा पैलेस में गए और वहां दो रात ठहरने के लिए 18 हजार रुपये अदा किए। इसके लिए उन्होंने मेसर्स मोदी टैक्सी को भी नौ हजार रुपये अदा किए। दूसरे पक्ष की ओर से पक्ष न रखे जाने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एकतरफा करार दिया है। 

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