अब इन कैमरों का बेल के ऑफिस में ट्रायल होगा। वहां डाटा स्टोरेज की सुविधा होगी। जो ट्रैफिक विभाग के साथ भी साझा होगा, जिसमें यातायात के नियमों को तोड़ने वालों की जानकारी दी जाएगी।
कैमरों के साथ प्रत्येक चौराहे पर एलईडी भी लग रही है। किसी चौराहे पर जाम लगा है तो कमांड कंट्रोल सेंटर पिछले चौराहे वालों को इसकी जानकारी देगा ताकि वह वैकल्पिक रास्ते का चुनाव कर सकें।
बढ़ेगी सुरक्षा, अफसरों का काम होगा आसान
कैमरों से चोरी की गाड़ी पकड़ने व यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती होगी। वहीं अफसर एलईडी के माध्यम से लोगों से सीधे बात कर सकेंगे। अपना संदेश लोगों तक तत्काल पहुंचाने का अफसरों के लिए सशक्त माध्यम होगा।
आईसीसीसी में बनेगा बड़ा सेंटर
ट्रायल के बाद सेक्टर- 17 में बन रहे इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में इसका पूरा सेटअप लगाया जाएगा। जहां ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर यातायात के नियमों को शहर में बेहतर तरीके से पालन कराया जाएगा। 60 फुट की वीडियो वॉल पर पूरे शहर के कैमरे एक साथ निगरानी करेंगे।
कैमरे लगने के बाद यातायात के नियमों का पालन करवाने में काफी मदद मिलेगी। इससे लोगों को भी काफी सहूलियत होगी, क्योंकि जाम में फंसने हर कोई बचना चाहता है। स्मार्ट सिटी के लिए कैमरों की बेहतर व्यवस्था होगी। - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी।