चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) लोकल के बाद लंबी दूरी के लिए 20 बसें किराए पर लेने जा रहा है। इसके लिए टेंडर कर दिया है। ये डीजल बसें होंगी। इनमें चालक कंपनी का और परिचालक सीटीयू का होगा। शहर में इलेक्ट्रिक बसें भी इसी आधार पर चल रही हैं। इसके अलावा 20 बसें खरीदने की भी तैयारी है।
परिवहन विभाग अगले कुछ साल में डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने का दावा कर रहा है, दूसरी ओर, वह डीजल बसों को खरीदने और किराए पर लेने में भी लगा हुआ है। विभाग ने शहर में 40 और डीजल बसें सड़क पर उतारने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। सवाल यह है कि सीटीयू इलेक्ट्रिक बसों के फायदे गिनाकर अब डीजल बसें क्यों खरीद रहा है।
परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने बताया कि 20 डीजल बसें खरीदनी हैं और 20 किलोमीटर के आधार पर किराए पर ली जाएंगी। इसके लिए योग्य एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। योग्य एजेंसियां 10 दिसंबर तक आवेदन कर सकती हैं और उसी दिन बोली खोली जाएगी। किलोमीटर आधार पर बसें किराये पर लेने के लिए इच्छुक एजेंसियों को हायरिंग अमाउंट देना होगा। इसमें वार्षिक रोड टैक्स, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य टैक्स शामिल होंगे। इसके अलावा एजेंसियों को ये भी बताना होगा कि वह कितने दिनों में बसें विभाग को सौंप देंगे। बसों का रख रखाव व उन्हें साफ रखने की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी। इन बसों को 10 साल के लिए किराए पर लिया जाएगा। विभाग की तरफ से रोजाना 8100 किलोमीटर के लिए बस चलाई जाएगी। एजेंसी को अलॉटमेंट लेटर जारी करने के 90 दिन के अंदर बसों की डिलीवरी देनी होगी।
चार माह के अंदर करनी होगी डिलीवरी
विभाग ने 20 डीजल बसें खरीदनी हैं, जिनकी दो साल की वारंटी या फिर 2 लाख किलोमीटर तक चलने की वारंटी होनी चाहिए, जो भी इनमें से पहले हो। फाइनल एजेंसी को कांट्रैक्ट एग्रीमेंट के करीब चार माह (120 दिनों) के अंदर इन बसों की डिलीवरी करनी होगी। इन नई बसों में सामान रखने की उचित व्यवस्था के साथ ही इसमें एयर कंडीशनिंग और हीटिंग की भी सुविधा होगी। साथ ही फ्रंट डेस्टिनेशन बोर्ड एलईडी बेस्ड होगा। हर बस में 47 के करीब सीटें होगी।