चंडीगढ़। यूटी परिवहन विभाग ने लोकल रूट पर चलने वाली सीटीयू की सभी 358 बसों में जीपीएस लगाकर उन्हें बस स्टॉप के साथ जोड़ दिया है। इसके लिए आईएसबीटी-43 में एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जिसका काम 75 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। परिवहन विभाग के निदेशक उमाशंकर गुप्ता ने आदेश दिए हैं कि कंट्रोल रूम का काम 31 जुलाई से पहले पूरा कर लिया जाए।
निदेशक उमाशंकर गुप्ता को आईएएस प्रमोट कर दिया गया है। ऐसे में वह चंडीगढ़ प्रशासन से जाने से पहले इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (आईटीएस) का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से करा देना चाहते हैं। आईटीएस के तहत सीटीयू की लोकल रूट पर चलने वाली सभी बसों को बस स्टॉप से जोड़ दिया गया है। पिछले कुछ महीनों से बसों को ट्रायल के आधार पर चलाया भी जा रहा है, लेकिन जब तक कंट्रोल रूम नहीं बनेगा, तब तक ये प्रोजेक्ट पूरा नही होगा। इसके लिए आईएसबीटी-43 में बन रहे कंट्रोल रूम का काम 31 जुलाई से पहले पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम से बसों को जीपीएस से ट्रैक किया जाएगा। बस डिपो भी कंट्रोल रूम से जुड़ा होगा। बस ड्राइवर को एसएमएस की सुविधा होगी। वह बस लेकर निकलते ही एसएमएस भेज कर इसकी जानकारी देंगे। प्रोजेक्ट के तहत बसों के लिए कई सुविधाएं प्रदान करनी हैं। इसमें यात्री बस के अंदर लगे स्क्रीन पर रूट और अगला गंतव्य देख सकेंगे। बसों को बस स्टॉप से जोड़ा गया है, जिससे लोगों को रियल टाइम में पता चलेगा कि बस कितनी देर में स्टॉप पर पहुंचेगी। यह सबकुछ एक मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा, जिसे परिवहन विभाग ने कुछ महीने पहले लांच कर दिया है। हालांकि अब विभाग कंट्रोल रूम के बनने का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम का उद्घाटन किया जाएगा।