पंचकूला। दूसरे नवरात्र पर रविवार को माता मनसा देवी मंदिर में माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। शनिवार की अपेक्षा करीब पांच गुना श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई। माता के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु घंटों लाइन में लगे रहे। इस मौके पर पुलिस और अन्य व्यवस्थाएं चौकस देखने को मिलीं। माता के मंदिर में वीआईपी लोगों का आवागमन लगा हुआ था। झूलों, खिलौनों के अलावा अन्य दुकानों पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ देखने को मिली।
जनसंपर्क विभाग ने 30 लोगों को परिवार से मिलवाया
जनसंपर्क विभाग ने श्री माता मनसा देवी मंदिर परिसर में अपना बूथ बनाया हुआ है। मंदिर संबंधी जरूरी सूचनाओं की यहां से घोषणा की जाती है। जो लोग या बच्चे भीड़ में परिवार से अलग हो जाते हैं, उन्हें इसी बूथ में लाया जाता है। रविवार को 14 बच्चों समेत 30 लोगों को इस बूथ के कर्मचारियों ने उनके परिवार से मिलवाया।
परिजन बच्चों की जेब में रखें अपना मोबाइल नंबर
जनसंपर्क विभाग के बूथ में तैनात अधिकारी संदीप बत्रा ने कहा कि मेले में छोटे बच्चों को साथ लेकर आने वाले लोग पर्ची बनाकर उस पर अपना नंबर लिखकर बच्चों की जेब में डालें। ऐसे में अगर बच्चा परिजनों से अलग हो जाता है, तो उसे परिवार तक पहुंचाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। साथ ही परिवार भी अनावश्यक चिंता से बच सकेगा।
वीआईपी गेट की डिस्पेंसरी से गायब रहे चिकित्सक
वीआईपी गेट के पास लंगर हाल बना हुआ है। उसके ऊपर डिस्पेंसरी बनाई गई है। वैसे तो यह केवल रविवार को ही खुलती है, मगर नवरात्र के चलते यहां 24 घंटे चिकित्सकों की तैनाती की गई है। रविवार की सुबह चिकित्सक डिस्पेंसरी में नहीं थे। डिस्पेंसरी खुली थी, और वहां पर कोई भी नहीं था। न कोई चिकित्सक था और न ही अन्य कोई कर्मचारी।
चैत्र नवरात्र के चलते इस डिस्पेंसरी में 24 घंटे चिकित्सकों की तैनाती की गई है। हो सकता है डॉ. कैंप में चले गए हों। मगर फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी। रोस्टर चेक कर पता कराया जाएगा कि डिस्पेंसरी में किस डॉक्टर की ड्यूटी थी। अगर चिकित्सकों ने लापरवाही बरती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला