आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने चंडीगढ़ में पंजाब के खत्म किए जा रहे अधिकारों को लेकर केंद्र पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इसका ताजा उदाहरण चंडीगढ़ औद्योगिक और पर्यटन विकास निगम (सिटको) के प्रबंध निदेशक के पद पर यूटी कैडर के अधिकारी की प्रतिनियुक्ति है। इससे पहले बीबीएमबी और स्वास्थ्य विभाग में भी पंजाब के अधिकारियों के प्रतिनियुक्ति के पद केंद्र समाप्त कर चुका है। केंद्र ऐसे फैसले लेकर पंजाब के लोगों के हतोत्साहित करना चाहता है।
रविवार को पार्टी मुख्यालय से जारी एक बयान में भगवंत मान ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार पंजाब विरोधी फैसलों को लागू किया, जिससे पंजाबियों में मोदी सरकार के खिलाफ असंतोष की भावना पैदा हुई। केंद्र की भाजपा सरकार भाखड़ा ब्यास डैम और पंजाब की धरती पर बनी राजधानी चंडीगढ़ से राज्य का हिस्सा और अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब की हिस्सेदारी खत्म करने और बांधों की सुरक्षा से पंजाब पुलिस को हटाने के बाद अब मोदी सरकार ने चंडीगढ़ औद्योगिक एवं पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक अपने हिसाब से नियुक्त किया है और पंजाब के 112 डॉक्टरों को चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग से निष्कासित कर दिया गया है। मोदी सरकार का यह कदम पंजाब के अधिकारों को चुनौती देने वाला है।
मान ने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ में पंजाब का 60 प्रतिशत हिस्सा सभी प्रकार की सेवाओं और प्रबंधन में आरक्षित था। इसी के तहत आईएएस, आईपीएस, पुलिस कर्मियों, शिक्षकों, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की जाती है लेकिन मोदी सरकार चंडीगढ़ में पंजाब के अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति को जबरन खत्म कर रही है। पहले यह धक्का केंद्र की कांग्रेस सरकारों द्वारा किया जाता था, अब वही रास्ता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपना रही है।
मान ने पंजाब के खिलाफ किए गए ज्यादतियों के लिए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रकाश सिंह बादल और कैप्टन अमरिंदर सिंह को दोषी ठहराया, जिन्होंने पंजाब के अधिकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ कभी आवाज नहीं उठाई और सत्ता के लिए उलटे उनके साथ समझौता किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मान ने दावा किया कि 10 मार्च को बनने जा रही आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी और उसका अधिकार वापस दिलाएगी।