अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के गुम होने के मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के खिलाफ एक जनहित याचिका याचिका का हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया है। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने फैसले में कहा हम सरकार से आशा करते हैं कि वह इस मामले में उचित कदम उठाएगी।
याचिकाकर्ता गुरवतन सिंह ने बताया था कि यह मामला 2015 से 2018 के बीच का है जब एसजीपीसी के प्रकाशन विभाग से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूप लापता हो गए थे। जांच के लिए अकाल तख्त साहिब के सचिवालय द्वारा एक समिति का गठन किया गया था। इसने जांच के बाद 23 अगस्त 2020 को एसजीपीसी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। उन्होंने एसजीपीसी की लापरवाही को देखते हुए 21 नवंबर 2024 को मांगपत्र दिया था। उसी दिन उन्होंने पंजाब सरकार को भी मांगपत्र दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने 11 फरवरी 2025 को एक और रिमाइंडर भेजा। 11 मार्च 2025 को एसजीपीसी को कानूनी नोटिस भेजा गया। इसका भी कोई जवाब नहीं मिला जिससे याचिकाकर्ताओं को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिका में मांग की गई है कि हाईकोर्ट प्रतिवादियों को कार्रवाई करने का निर्देश दे। याचिकाकर्ता चाहते हैं कि अदालत जनहित के इस मामले पर सुनवाई करे और एसजीपीसी की लापरवाही को दूर करने के लिए उचित निर्देश जारी करे।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि पंजाब के गृह सचिव ने डीजीपी को एक पत्र लिखा है। सरकार के इस जवाब पर कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि वो आशा करते हैं कि सरकार इस मामले में उचित कदम उठाएगी।