कोरोना से जंग लड़ने के साथ ही हरियाणा सराकर उद्योगों को पटरी पर लाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में केंद्र सरकार की ओर से दिया गया पैकेज संजीवनी का काम करेगा। राष्ट्रीयता की भावना को देखते हुए प्रधानमंत्री ने 200 करोड़ के टेंडर ग्लोबल न होकर राष्ट्रीय करने की बात कही है। जिससे हम अपने ही देश की कंपनियों से सामान खरीद कर लोकल को वोकल की कहावत को चरितार्थ कर सकें। यह बात यहां वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सीएम मनोहर लाल ने पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के साथ ही सरकार को इस बात का भी ख्याल है कि उद्योग से जुड़े श्रमिकों को कोई परेशानी न हो। उद्योगों से ही श्रमिकों की रोजी रोटी चलती है और श्रमिकों के अथक परिश्रम से देश चल रहा है। लिहाजा श्रमिकों की सुविधा को देखते हुए हमने दो हजार बसों और 28 रेलगाड़ियों के माध्यम से श्रमिकों को उनके गंतव्य के लिए भेज दिया है। जो लोग जाना चाह रहे हैं उन्हें भेजने की व्यवस्था आगे भी की जा रही है। मनोहर लाल ने कहा कि आने वाले समय में केंद्र सरकार की ओर से और अधिक घोषणाएं की जाएंगी। जिससे संकट के इस समय में काफी हद तक राहत मिलेगी।
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विपक्ष को लग रहा बहुत बड़ा मुद्दा मिल गया
फसल की खरीद और भुगतान को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर सीएम ने साफ किया कि विपक्ष को लग रहा है कि उन्हें बहुत बड़ा मुद्दा मिल गया है। यह बात अलग है कि कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते भुगतान में देरी हुई, लेकिन जल्द ही फसल की रकम किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। सरसों की फसल का पूरा पैसा 1200 करोड़ हैफेड के माध्यम से भेज दिया गया है। पूर्व सरकारे बाजरे की खरीद नहीं करती थीं, लेकिन हम वह भी कर रहे हैँ। आने वाले समय में सरकार मक्का और दालों की भी खरीद करेगी।