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कैप्टन हो सकते हैं उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी, 2024 चुनाव के मद्देनजर भाजपा ले सकती है फैसला

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चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) के भाजपा में विलय की अटकलों के बीच सूबे के सियासी हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए उपराष्ट्रपति पद के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना प्रत्याशी बना सकती है। हालांकि पंजाब भाजपा के नेता के नेता इस विषय पर साफ तौर पर कुछ भी नहीं कह रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का कहना है कि इस संबंध में फैसला केंद्रीय नेतृत्व को लेना है।
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उल्लेखनीय है कि मौजूदा उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त 2022 को समाप्त हो रहा है। कैप्टन की पीएलसी के भाजपा में विलय को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पंजाब में अकेले अपने दम पर लड़ेगी, तब कैप्टन सरीखे अनुभवी नेता का सियासी तजुर्बा पार्टी के काम आ सकता है। कैप्टन इन दिनों अपने इलाज के लिए विदेश में हैं और उनके लौटने पर ही कुछ साफ हो सकेगा। अपने लंबे सियासी कॅरिअर के अनुसार कैप्टन अमरिंदर वर्ष 2002, 2007, 2017 और सितंबर 2021 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से संबंध बिगड़ने के कारण उन्हें पिछले साल मुख्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस को भी अलविदा कह दिया था।
2022 के विधानसभा चुनाव के लिए कैप्टन ने अपनी पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी गठित की और भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में कैप्टन को कोई सफलता नहीं मिली और वह अपनी पटियाला सीट भी नहीं बचा सके। फिर भी भाजपा का मानना है कि कैप्टन के समर्थकों की पंजाब में संख्या बहुत ज्यादा है। इसके अलावा कैप्टन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ अच्छे संबंध भी जगजाहिर हैं। ऐसे में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उपराष्ट्रपति पद के लिए कैप्टन के नाम पर मुहर लगा सकता है।
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