पंचकूला। पंचकूला पुलिस अधिकारियों ने सेक्टर-16 चौकी में पुलिस पब्लिक मीट का आयोजन कर लोगों की समस्याओं को जाना और समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि पुलिस पब्लिक मीट का परिणाम क्या निकलता है यह आने वाले समय में पता चलेगा।
इस दौरान राजीव और इंदिरा कॉलोनी के लोगों ने कहा कि दोनों कॉलोनियों में शराब, नशा और सट्टेबाजी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करती। इस पर डीसीपी ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। वहीं, जब चौकी पुलिस से न्याय की आस टूटी तो क्षेत्र की पार्षद उषा रानी और पार्षद पंकज वाल्मीकि ने डॉक्टर रामप्रसाद समेत कई लोगों के साथ पंचकूला पुलिस कमिश्नर सौरभ सिंह के समक्ष ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने पंचकूला पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा को सेक्टर-16 चौकी में पुलिस पब्लिक मीट करने का आदेश दिया था। इस मौके पर रामसरण, राजकुमार, मंजू, भीम यादव, संदीप वाल्मीकि, पूजा देवी, मोहम्मद नाशीर, राजीव भुक्ल, अशोक वर्मा, पन्ना लाल, राममूरत, सुनील सरोहा, विजय कुमार सैनी, मोहम्मद इसरार, पवन कुमार वर्मा, सुनैना, विमला रानी सहित मौजूद रहीं।
चौकी को थाने में तब्दील करने की मांग
पब्लिक मीट में इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी और गांव बुढ़नपुर के लोगों ने भाग लिया। लोगों ने बताया कि शहर में सबसे ज्यादा क्राइम दोनों कालोनियों में होता है। जिस पर अंकुश लगाने के लिए चौकी को थाने में तब्दील करने की जरूरत है। इसके अलावा कॉलोनियों में सीसीटीवी कैमरे, पीसीआर, राइडर की तैनाती की 24 घंटे मांग की है।
नशे से छात्रों पर पड़ रहा बुरा असर
डीसीपी मोहित हांडा के सामने लोगों ने ही नहीं बल्कि पूर्व पार्षद दलबीर बाल्मीकि ने बेबाकी से सवाल किए, जिसका अधिकारी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। दलबीर बाल्मीकि ने बताया कि राजीव और इंदिरा कॉलोनी में नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस कारण युवा, छात्रों पर बुरा असर पड़ रहा है। नशा तस्करी के चलते कॉलोनी की महिलाएं और युवतियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। वहीं, डीसीपी मोहित हांडा ने कहा कि नशा तस्करों की चेन को तोड़ने के लिए कॉलोनी में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अपराधी पुलिस से बढ़कर नहीं
नशे पर सवाल उठाते हुए कॉलोनी के पार्षद पति डॉ. रामप्रसाद ने कहा कि पुलिस से बढ़कर अपराधी नहीं है। क्राइम को कंट्रोल करने के लिए पुलिस जवानों में इच्छाशक्ति कम झलक रही है। इस बात को सुनकर डीसीपी मोहित हांडा भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। डीसीपी मोहित हांडा ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कॉलोनियों को वह नशा मुक्त बनाकर रहेंगे। यदि किसी भी व्यक्ति की शिकायत पर कार्रवाई थाना या पुलिस चौकी के अधिकारी नहीं करते हैं तो वह सीधे उनसे मिल सकते हैं।